Edited By Tanuja,Updated: 20 Jun, 2026 07:08 PM

बांग्लादेश में 81 फुट ऊंची प्रस्तावित श्रीराम प्रतिमा परियोजना कट्टरपंथी विरोध के बाद रोक दी गई है। इसके विरोध में ढाका समेत कई जगहों पर हजारों हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने भगवान राम की तस्वीर के अपमान का आरोप लगाते हुए दोषियों की...
Dhaka: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात हजारों हिंदू सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले में प्रस्तावित विशाल श्रीराम प्रतिमा परियोजना को रोकने के फैसले का विरोध किया। शाहबाग से नेशनल प्रेस क्लब तक निकाले गए मार्च में "जय श्रीराम" के नारे गूंजे। प्रदर्शन में विभिन्न हिंदू संगठनों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। विवाद का केंद्र गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में बन रही 81 फुट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा है। परियोजना में 53 फुट ऊंची भगवान कृष्ण और 30 फुट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा भी प्रस्तावित थी।करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2025 में निजी फंडिंग से की गई थी। परियोजना का संचालन स्थानीय मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा था।
Fresh tensions in Bangladesh as Hindu community protests in Dhaka over alleged desecration of religious symbol and idol controversy. pic.twitter.com/MH0ApvDabc
— News Arena India (@NewsArenaIndia) June 19, 2026
मंदिर समिति का आरोप है कि कुछ कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों ने परियोजना का विरोध किया और निर्माण कार्य रोकने के लिए दबाव बनाया। हिंदू संगठनों का यह भी दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया और उसे नुकसान पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। राम प्रतिमा परियोजना को फिर से शुरू कराया जाए। हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
🚨 Large protests were held in Dhaka as members of the Hindu community demanded justice over the reported desecration of an image of Bhagwan Shri Ram.
Protesters also called for the continuation of the halted 81-foot Ram Murti project in Gaibandha. pic.twitter.com/wFj67kP5a9
— Deep Dive Analysis (@DDAnalysis_) June 20, 2026
संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। विरोध कर रहे कुछ इस्लामी संगठनों, जिनमें इमाम-उलमा परिषद का नाम भी सामने आया है, ने परियोजना की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इसकी वित्तीय जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि धन कहां से आया। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता व्यक्त की जाती रही है। विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों ने पिछले वर्षों में मंदिरों, धार्मिक स्थलों और समुदाय के लोगों पर हमलों के मामलों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।