Edited By Pardeep,Updated: 28 Jun, 2026 09:18 PM

दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमान एयरबस A380 को लेकर एक बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आई है। यूरोपीय संघ की शीर्ष विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने 16 एयरबस विमानों के पंखों (wings) के मुख्य हिस्सों में दरारें पाए जाने के बाद उनकी तत्काल जांच के आदेश दिए...
नई दिल्ली/बर्लिन: दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमान एयरबस A380 को लेकर एक बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आई है। यूरोपीय संघ की शीर्ष विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने 16 एयरबस विमानों के पंखों (wings) के मुख्य हिस्सों में दरारें पाए जाने के बाद उनकी तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। नियामक संस्था ने चेतावनी दी है कि ये दरारें विमान के पंखों की संरचनात्मक अखंडता (structural integrity) को कम कर सकती हैं।
दो समूहों में बांटे गए विमान
सुरक्षा एजेंसी ने इन विमानों को दो श्रेणियों में विभाजित किया है। पहले समूह में पांच विमान शामिल हैं, जो दुबई स्थित एयरलाइन एमिरेट्स (Emirates) द्वारा संचालित हैं। इन पांचों विमानों की तत्काल जांच की जानी अनिवार्य है। दूसरे समूह में 11 विमान हैं (10 एमिरेट्स और 1 ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटास का), जिनकी जांच अगले 25 फ्लाइट साइकिल के भीतर पूरी करनी होगी।
जांच का कारण और कंपनी का पक्ष
एयरबस के अनुसार, यह आपातकालीन निर्देश दिसंबर 2025 में दिए गए पिछले निर्देशों का विस्तार है, जिसमें पंखों के अंदर की मुख्य बीम यानी 'मिड स्पार्स' की जांच अनिवार्य की गई थी। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि कुछ विशिष्ट निष्कर्षों के बाद एयरबस ने स्वयं EASA को इन विमानों की उप-जनसंख्या (subpopulation) की जांच करने की सिफारिश की थी। कंपनी अब एजेंसी के साथ मिलकर इन परिणामों का आकलन करेगी कि क्या मरम्मत की आवश्यकता है या विमान सेवा में वापस आ सकते हैं।
उड़ानों पर प्रभाव
क्वांटास एयरलाइन ने पुष्टि की है कि उनका संबंधित विमान पहले से ही निर्धारित रखरखाव (maintenance) में था और इस निर्देश का उनके फ्लाइट शेड्यूल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, एमिरेट्स ने कहा है कि वे अगले 48 घंटों के भीतर जांच शुरू कर देंगे और किसी भी विमान को सेवा में वापस भेजने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएंगे।
पुराना है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब एयरबस A380 के पंखों में दरारें देखी गई हैं। इससे पहले साल 2012 में भी दो अलग-अलग प्रकार की दरारें मिलने के बाद पूरे A380 बेड़े की आपातकालीन जांच के आदेश दिए गए थे। दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान होने के नाते, जिसकी पहली उड़ान अप्रैल 2005 में हुई थी, इसकी सुरक्षा को लेकर अधिकारी कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते हैं।