PoK में बवाल: 'पाकिस्तानी सेना बाहर जाओ' के नारों से गूंजी घाटी, झड़पों में 58 की मौ'त; 23 जून तक का अल्टीमेटम

Edited By Updated: 22 Jun, 2026 10:26 PM

chaos in pok valley resonates with slogans of pakistan army go out

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पिछले 14 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक उग्र और निर्णायक मोड़ ले लिया है। इस आंदोलन में अब स्कूली बच्चे और महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल होकर पाकिस्तानी सेना के...

रावलकोट: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पिछले 14 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक उग्र और निर्णायक मोड़ ले लिया है। इस आंदोलन में अब स्कूली बच्चे और महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल होकर पाकिस्तानी सेना के "गैर-कानूनी कब्जे" के खिलाफ और आजादी के लिए आवाज उठा रहे हैं।

मासूमों के हाथों में सेना विरोधी पोस्टर
रावलकोट के ईदगाह मैदान में 70,000 से अधिक प्रदर्शनकारी पिछले 11 दिनों से धरना दे रहे हैं। यहां 10 से 12 साल के स्कूली बच्चे ऐसे पोस्टर लिए नजर आए जिन पर "पाकिस्तानी सेना बाहर जाओ", "पाकिस्तानी सेना कश्मीरियों को मार रही है" और "हमें बुनियादी अधिकार चाहिए" जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है।

23 जून की समय-सीमा और मुजफ्फराबाद कूच की चेतावनी
विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही अवामी एक्शन कमिटी (AAC) ने पाकिस्तानी सरकार के सामने 38 मांगों वाला एक चार्टर रखा है और इन्हें मानने के लिए 23 जून की डेडलाइन तय की है। वरिष्ठ आयोजक सरदार अमन खान ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 1 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी प्रशासनिक राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करेंगे और वहां की राजनीतिक संस्थाओं पर जनता का नियंत्रण कायम करेंगे। खान ने तुलना करते हुए कहा कि मुजफ्फराबाद में सरकार अवामी एक्शन कमिटी की होगी, जैसा कि नेपाल और बांग्लादेश के जन-आंदोलनों में देखा गया था।

इलाके में गहराया मानवीय संकट
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, PoK में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पिछले 5 जून से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जिससे संचार पूरी तरह ठप है। इसके अलावा, 14 जून से खाद्य सामग्री ले जा रहे ट्रकों को रोका जा रहा है, जिससे कई इलाकों में खाने-पीने की चीजों की भारी कमी हो गई है और लोगों का गुस्सा चरम पर है।

सेना को सीधी चेतावनी
ईदगाह मैदान में भीड़ को संबोधित करते हुए सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने बंगाल, बलूच और पश्तूनों पर हुए ऐतिहासिक अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि दमन जारी रहा, तो पूरे मिलिट्री सिस्टम को PoK से बाहर खदेड़ दिया जाएगा। खान ने स्पष्ट किया, "अगर कश्मीरी PoK में नहीं रह सकते, तो पाकिस्तान की सेना भी यहां नहीं रह पाएगी"।

यह आंदोलन अब सुधनोती और मंडहोल जैसे अन्य शहरों तक भी फैल चुका है, जहां महिलाएं सड़कों पर उतरकर पाकिस्तानी सेना को "कब्जा करने वाला" बताकर निंदा कर रही हैं। 23 जून की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही पूरा इलाका एक बड़े विस्फोट की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!