Edited By Rohini Oberoi,Updated: 20 Aug, 2026 10:35 AM
क्लिनिकल इन्फेक्शियस डिजीजेस सोसाइटी (Clinical Infectious Diseases Society) की 16वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस CIDSCON 2026 का आयोजन 20 से 23 अगस्त के दौरान गांधीनगर के महात्मा मंदिर स्थित कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में किया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री...
गांधीनगर : क्लिनिकल इन्फेक्शियस डिजीजेस सोसाइटी (Clinical Infectious Diseases Society) की 16वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस CIDSCON 2026 का आयोजन 20 से 23 अगस्त के दौरान गांधीनगर के महात्मा मंदिर स्थित कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में किया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री प्रफुल पानशेरिया कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री प्रफुल पानशेरिया एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और एंटीमाइक्रोबियल स्ट्यूअर्डशिप पर विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई पुस्तक का अनावरण भी करेंगे।
इस सम्मेलन में भारत तथा विदेशों से संक्रामक रोगों के अग्रणी विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य क्षेत्र के व्यावसायिक एकत्रित होंगे। इस सम्मेलन में 950 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। चार दिवसीय यह सम्मेलन वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान, उभरती चुनौतियों पर चर्चा तथा संक्रामक रोगों के निदान, निवारण और उपचार के क्षेत्र में हुई प्रगति को साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में भारत से संबंधित विशिष्ट मुद्दों पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के जाने-माने विशेषज्ञों के अलावा अमेरिका तथा सिंगापुर आदि देशों की अंतरराष्ट्रीय फैकल्टीज भी भाग लेंगे।
सम्मेलन की शुरुआत 20 अगस्त को संक्रामक रोगों की मेडिकल प्रैक्टिस के विभिन्न पहलुओं को समाविष्ट करने वाले विशेष वर्कशॉप की श्रृंखला के साथ होगी। इन वर्कशॉप में विशेषज्ञों के सत्र, केस आधारित चर्चाएँ और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सम्मेलन के प्रमुख उभरते विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी शामिल है। एआई को समर्पित वर्कशॉप में वर्तमान एआई परिदृश्य, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स से आगे इसके विभिन्न उपयोगों, संक्रामक रोगों की मेडिकल प्रैक्टिस में इसके व्यावहारिक उपयोग और मानवीय चिकित्सा निर्णय लेने की प्रक्रिया की तुलना में एआई की संभावित भूमिका पर चर्चा की जाएगी। प्रतिभागी व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स और समस्या समाधान संबंधी कवायदों में भी भाग लेंगे।
मुख्य सम्मेलन के कार्यक्रम में संक्रामक रोगों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इनमें एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर), उष्णकटिबंधीय संक्रमण, क्षय रोग, एचआईवी, फंगल संक्रमण, वायरोलॉजी, संक्रमण नियंत्रण, एंटीमाइक्रोबियल स्ट्यूअर्डशिप और कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले मरीजों में होने वाले संक्रमण जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग, फेज थैरेपी और एआई आधारित क्लिनिकल प्रैक्टिस जैसी उभरती टेक्नोलॉजी पर भी सत्र आयोजित होंगे।
22 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष सत्र में गुजरात में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाने के प्रयासों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इस सत्र में राज्य की पहल, गुजरात स्टेट एएमआर सर्वेलांस नेटवर्क (GUJSAR-N), एंटीमाइक्रोबियल स्ट्यूअर्डशिप कार्यक्रम की मॉनिटरिंग तथा एएमआर डैशबोर्ड के माध्यम से लैबोरेटरी डेटा आधारित रोग सर्वेलांस पर चर्चा की जाएगी।
वैज्ञानिकों के लिए कार्यक्रम में चुनौतीपूर्ण मामलों पर चर्चाएँ, विशेषज्ञों के साथ संवाद, अवॉर्ड प्रेजेंटेशन, पोस्टर राउंड तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और फेलोज के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। 23 अगस्त को वैलेडिक्टरी सेशन के साथ सम्मेलन का समापन होगा, जिसके बाद लंच का आयोजन किया जाएगा।
आयोजक समिति के अध्यक्ष डॉ. अतुल के. पटेल, सह-आयोजक अध्यक्ष डॉ. हर्ष तोशनीवाल और आयोजक सचिव डॉ. सुरभि मदन के नेतृत्व में आयोजित होने वाली CIDSCON 2026 से संक्रामक रोगों के उपचार के क्षेत्र में व्यावसायिक सहयोग एवं प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध होने की अपेक्षा है।
इस कार्यक्रम में सीआईडीएस के अध्यक्ष सुब्रमणियन स्वामीनाथन, सचिव डॉ. नेहा गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. कविता सरावु, ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. अतुल पटेल, ऑर्गनाइजिंग को-चेयरमैन डॉ. हर्ष तोशनीवाल, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुरभि मदन, को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. विपुल शाह, डॉ. मनोज सेवकानी और डॉ. स्वाति गोहेल उपस्थित रहेंगे।