Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Mar, 2026 09:17 PM

उत्तर प्रदेश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच घबराहट फैलाने वाली...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच घबराहट फैलाने वाली अफवाहों को रोकना भी उतना ही जरूरी है जितना कि गैस सिलेंडर की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करना।
आपूर्ति व्यवस्था की हुई समीक्षा
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में एलपीजी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में जोर दिया गया कि उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी तय समय के भीतर पहुंचनी चाहिए और बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने गैस रिफिल बुक कराई है, उन्हें तय नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तारीख के बारे में भी सही जानकारी दी जाए, ताकि अनावश्यक चिंता की स्थिति न बने।
उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी कि कुछ अफवाहों के जरिए बताने की कोशिश की जा रही है। इसलिए तेल कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर आपूर्ति और वितरण की सही जानकारी समय-समय पर जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार भी वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर कोई वितरक एजेंसी या व्यक्ति गैस सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर गैस एजेंसियों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है, ताकि वितरण प्रक्रिया में कोई अव्यवस्था न हो।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और इनके वितरण में किसी तरह की कमी नहीं है। मौजूदा हालात को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रदेश को करीब 80 लाख लीटर केरोसिन भी उपलब्ध कराया गया है, जिसका जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है।
कंट्रोल रूम बनाकर होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खाद्य एवं रसद विभाग में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जहां से हर जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी और तेल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश में एलपीजी वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे।