Edited By Rohini Oberoi,Updated: 20 May, 2026 12:04 PM

मणिपुर के कांगपोकपी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाए गए लापता लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सुरक्षा बलों ने जंगलों और अंदरूनी पहाड़ी इलाकों में एक बड़ा तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू किया है। पुलिस प्रशासन...
Manipur Search Operation : मणिपुर के कांगपोकपी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाए गए लापता लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सुरक्षा बलों ने जंगलों और अंदरूनी पहाड़ी इलाकों में एक बड़ा तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू किया है। पुलिस प्रशासन इस मिशन में कोई ढील नहीं बरत रहा है और घने जंगलों में छिपे सुरागों को ढूंढने के लिए विशेष खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) की मदद भी ली जा रही है।
एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के लिए खोजी कुत्तों को भी तैनात किया गया है। पुलिस ने एक बयान में कहा, कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई, सोंगटुन, खुनखो और पी मोल्डिंग गांवों के आसपास के पहाड़ी इलाकों में लापता लोगों की तलाश में सुरक्षा बलों का तलाश अभियान जारी है।
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कांगपोकपी और सेनापति जिलों में 13 मई को सशस्त्र समूहों ने 38 से अधिक लोगों का अपहरण कर लिया था। यह घटना कांगपोकपी में घात लगाकर किए गए एक हमले में चर्च के तीन पदाधिकारियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। अधिकारियों ने बताया कि बंधक बनाए गए लोगों में से 31 लोगों को पहले ही रिहा किया जा चुका है।
मंगलवार को लियांगमाई नागा समुदाय के एक नेता ने मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह से मुलाकात की और कहा कि हो सकता है कि ये लोग अब जिंदा नहीं हों उनके शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाने चाहिए। दूसरी ओर राज्य में कुकी जनजातियों की सर्वोच्च संस्था, कुकी इनपी-मणिपुर ने दावा किया है कि समुदाय के 14 लोगों को नागा समूहों ने बंधक बना रखा है।