कंफ़र्म टिकट फिर भी खड़े-खड़े सफर, कोर्ट ने रेलवे पर लगाया भारी-भरकम जुर्माना, यात्रियों को मिलेगा ब्याज समेत पैसा

Edited By Updated: 02 Jun, 2026 08:11 AM

consumer court indian railways consumer court decision confirm train ticket

Indian Railways: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। बिहार की एक उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) ने रेलवे की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार यात्रियों के पक्ष में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने...

Indian Railways: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। बिहार की एक उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) ने रेलवे की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार यात्रियों के पक्ष में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह यात्रियों को टिकट का पूरा पैसा ब्याज समेत लौटाए और इतना ही नहीं साथ ही भारी मुआवजा भी दे। दरअसल, यह पूरा मामला कंफ़र्म टिकट होने के बाद भी सीट न मिलने से है। जिस पर कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया।

क्या है पूरा मामला? 
बता दें कि चार यात्रियों ने उत्तर प्रदेश के विंध्याचल से बिहार के आरा जाने के लिए LTT-Patna Express में कंफ़र्म टिकट बुक कराया था। जब यात्री ट्रेन के अंदर पहुंचे, तो उनकी आरक्षित सीटों पर खुद रेलवे के कर्मचारी कब्जा जमाए बैठे थे। यात्रियों ने उनसे सीट खाली करने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने सीट देने से साफ मना कर दिया।
 
परेशान यात्रियों ने हार नहीं मानी। उन्होंने सफर के दौरान ही रेलवे हेल्पलाइन, 'रेल मदद' और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरे सफर के दौरान रेलवे की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। हद तो तब हो गई जब बक्सर स्टेशन पर मौजूद टीटीई (TTE) ने भी यात्रियों की मदद करने के बजाय, भीड़ का बहाना बनाकर उन्हें खड़े-खड़े ही सफर पूरा करने की सलाह दे डाली।

कंज्यूमर कोर्ट का सख्त फैसला- मुआवजा  
सफर खत्म होने के बाद यात्रियों ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग ने माना कि रेलवे अपने यात्रियों को वह सेवा देने में पूरी तरह नाकाम रहा, जिसका उसने वादा किया था (Deficiency in Service)। इस वजह से यात्रियों को भारी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कष्ट झेलना पड़ा।

अदालत ने रेलवे को 60 दिनों के भीतर ये अहम भुगतान करने का आदेश दिया है:
-चारों यात्रियों के टिकट का पूरा पैसा ब्याज समेत वापस किया जाए।
-मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का मुआवजा: ₹20,000 की राशि जुर्माने के तौर पर।
-कानूनी खर्च: मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में ₹15,000 का भुगतान।
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!