Edited By Radhika,Updated: 14 Mar, 2026 11:10 AM

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में पिछले 15 दिनों के भीतर 40 % से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। विशेष रूप...
Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में पिछले 15 दिनों के भीतर 40 % से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। विशेष रूप से एशिया के बाजारों पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है क्योंकि 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग इस संघर्ष के कारण प्रभावित हुए हैं।
कीमतों में रिकॉर्ड तेजी
युद्ध की शुरुआत से पहले, 27 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। शनिवार तक यह कीमतें तेजी से बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं। मात्र दो सप्ताह के भीतर 30 डॉलर की यह वृद्धि करीब 41.1% के उछाल को दर्शाती है।

युद्ध का घटनाक्रम और कारण
इस सैन्य संघर्ष में तेजी 28 फरवरी को आई, जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरानी सैन्य संपत्तियों और उनके शीर्ष नेतृत्व पर सीधे हमले शुरू किए। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की भी मृत्यु हो गई है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है, जिससे निवेशकों के बीच तेल की कमी को लेकर डर पैदा हो गया है।
विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही बाजार की दिशा तय करेंगे। 'एनरिच मनी' (Enrich Money) के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा "आगामी सप्ताह बाजार में भारी उतार-चढ़ाव वाला रहने की उम्मीद है। निवेशक वैश्विक हितधारकों और सरकार के बयानों पर पैनी नजर रखेंगे। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'एनर्जी चोकपॉइंट' है; यहाँ जरा सी भी रुकावट वैश्विक तेल आपूर्ति को ठप कर सकती है और पूरे एशिया में मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ा सकती है।" विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो वैश्विक बॉन्ड यील्ड और करेंसी मार्केट में भी भारी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।