Edited By Radhika,Updated: 26 Feb, 2026 02:33 PM

पुरानी दिल्ली के निवासियों और व्यापारियों के वर्षों के इंतजार के बाद,अब शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक गलियों को बिजली के खतरनाक लटकते तारों के जाल से मुक्ति मिलने वाली है। दिल्ली सरकार ने इस जटिल समस्या का समाधान करने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना...
नेशनल डेस्क: पुरानी दिल्ली के निवासियों और व्यापारियों के वर्षों के इंतजार के बाद,अब शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक गलियों को बिजली के खतरनाक लटकते तारों के जाल से मुक्ति मिलने वाली है। दिल्ली सरकार ने इस जटिल समस्या का समाधान करने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दिखा दी है।
मुख्यमंत्री ने किया भूमिगत केबलिंग परियोजना का किया शुभारंभ
टाउन हॉल के सामने आयोजित एक खास समारोह में सीएम रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने औपचारिक रूप से इस योजना का शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य पुरानी दिल्ली की गलियों को सुरक्षित और सुंदर बनाना है। दशकों से लटकते तार न केवल हादसों का कारण बनते रहे हैं, बल्कि इस क्षेत्र की ऐतिहासिक सुंदरता में भी बाधा डालते रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जारी की159.47 करोड़ की राशि
दिल्ली सरकार ने इस व्यापक प्रोजेक्ट के लिए 159.47 करोड़ रुपये की भारी राशि बांटी है। इस योजना के पहले चरण में पुरानी दिल्ली की 26 प्रमुख सड़कों और गलियों को कवर किया जाएगा,जिनमें किनारी बाजार,धर्मपुरा,नई सड़क और कूचा महाजनी और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
समय सीमा और भविष्य का लक्ष्य
सरकार ने इस पूरे काम को पूरा करने के लिए दो से तीन साल का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवधि के दौरान ऊपर से गुजरने वाली सभी बिजली की लाइनों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके Underground कर दिया जाएगा। इस कदम से न केवल आग लगने जैसी घटनाओं में कमी आएगी,बल्कि बिजली की आपूर्ति में होने वाली कटौती और फाल्ट की समस्याओं का भी स्थायी समाधान होगा।