गोवा: सावंत की अपील के बावजूद विधायक बोरकर का भूमि उपयोग नियमों को लेकर आंदोलन जारी

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 04:34 PM

despite sawant s appeal the mla s agitation over land use rules continues

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी (आरजीपी) विधायक वीरेश बोरकर ने भूमि-उपयोग नियमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है जबकि उन्होंने (मुख्यमंत्री के) आंदोलन वापस लेने का...

नेशनल डेस्क। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी (आरजीपी) विधायक वीरेश बोरकर ने भूमि-उपयोग नियमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है जबकि उन्होंने (मुख्यमंत्री के) आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया था। आरजीपी विधायक का विरोध प्रदर्शन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। वे नगर एवं ग्रामीण नियोजन (टीसीपी) अधिनियम की धारा 39ए को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। 

आरोप है कि इस धारा का दुरुपयोग कुछ जमीनों को "बस्ती क्षेत्रों" में बदलने के लिए किया जा रहा है, जहां निर्माण गतिविधियों की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात बोरकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों द्वारा विवादित धारा को रद्द करने की मांग को लेकर टीसीपी मंत्री विश्वजीत राणे से मुलाकात की। बैठक के बाद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि बोरकर के विधानसभा क्षेत्र सेंट आंद्रे में धारा 39ए के तहत परियोजनाओं को दी गई अनुमतियों को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धारा के तहत दी गई सभी अनुमतियों को तुरंत रद्द करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होगा। सावंत ने कहा, "धारा 39ए के तहत दी गई अनुमतियों को वापस लेने की एक प्रक्रिया है। इस पर निर्णय लेने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड से परामर्श करना आवश्यक है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बोरकर को फोन पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की। विधायक यहां आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

सावंत ने पत्रकारों से कहा, "मैंने उनसे कई बार फोन पर बात की, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए राजी नहीं हुए।" इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बोरकर से आज़ाद मैदान में मुलाकात की थी और इसी तरह की अपील की थी। बोरकर ने बुधवार तड़के अपने विरोध स्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब तक धारा 39ए पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। 

उन्होंने दावा किया, "पहले सरकार ने अनुमतियों को लंबित रखा था, लेकिन परियोजनाओं पर काम जारी रहा।" बोरकर ने कहा कि वह इस धारा को पूरे राज्य में रद्द करवाना चाहते हैं, न कि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए। विधायक के अनुसार, टीसीपी अधिनियम की धारा 39ए का दुरुपयोग करके ग्रामीण भूमि को "बस्ती क्षेत्रों" में परिवर्तित किया जा रहा है। 

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