Edited By Tanuja,Updated: 25 Feb, 2026 12:14 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया...
Washington:अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ने ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले वर्ष “Operation Midnight Hammer” नामक सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान की धरती पर हमला कर उसके परमाणु कार्यक्रम को “obliterate” यानी पूरी तरह नष्ट कर दिया। ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद ईरान को चेतावनी दी गई थी कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू न करे, लेकिन अब भी वह “खतरनाक परमाणु महत्वाकांक्षाओं” का पीछा कर रहा है।
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“कभी परमाणु हथियार नहीं”
ट्रंप ने कहा कि ईरान अभी तक यह सार्वजनिक रूप से नहीं कह पाया है कि वह “कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “मैं कूटनीति के जरिए समाधान चाहता हूं, लेकिन एक बात तय है मैं दुनिया के नंबर एक आतंक प्रायोजक को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दूंगा।”
ट्रंप ने अपने भाषण में “Peace Through Strength” यानी “ताकत के जरिए शांति” को अपनी विदेश नीति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस वर्ष 1 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट पर खर्च कर रहा है ताकि दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
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ईरान की बढ़ती परमाणु क्षमता पर चिंता
ट्रंप के मध्य पूर्व दूत Steve Witkoff ने हाल ही में कहा कि ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है, जो नागरिक उपयोग की जरूरत से कहीं अधिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान “एक सप्ताह” के भीतर औद्योगिक स्तर की बम सामग्री तैयार करने की स्थिति में हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ऐसे मिसाइल विकसित कर रहा है जो यूरोप और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकती हैं, और भविष्य में अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हो सकती हैं।
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ईरान का जवाब
ईरान ने ट्रंप के आरोपों को खारिज किया है।ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।” उन्होंने अमेरिकी मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्ताव पर काम चल रहा है, जो दोनों पक्षों की “चिंताओं और हितों” को संतुलित करेगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी हालिया बातचीत को “उत्साहजनक” बताया, लेकिन कहा कि ईरान हर संभावित स्थिति के लिए तैयार है।
जेनेवा में अगला दौर
ओ ट्रंप का यह भाषण ऐसे समय आया है जब ईरान-अमेरिका वार्ता निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है। एक ओर अमेरिका सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर दबाव बना रहा है, दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान की भी बात कर रहा है। अब दुनिया की नजर जेनेवा वार्ता पर टिकी है ।मान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने जानकारी दी कि ईरान और अमेरिका के बीच अगला वार्ता दौर 26 फरवरी को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में होगा।इससे पहले दोनों देशों के बीच मस्कट और जेनेवा में बातचीत हो चुकी है। दोनों पक्ष एक “तेज समझौते” की दिशा में ड्राफ्ट टेक्स्ट पर काम कर रहे हैं। ईरान पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक तेल बाजार का प्रमुख खिलाड़ी है।भारत के ईरान के साथ ऐतिहासिक ऊर्जा और कनेक्टिविटी संबंध रहे हैं, खासकर चाबहार पोर्ट परियोजना में।वहीं अमेरिका के साथ भारत की रक्षा और रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत हुई है। ऐसे में भारत संतुलन की कूटनीति अपनाते हुए दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए हुए है।