Edited By Ramanjot,Updated: 20 Feb, 2026 11:11 PM

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। National Highways Authority of India (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। National Highways Authority of India (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि यह योजना लागू होती है, तो टोल शुल्क का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों—मुख्य रूप से FASTag और UPI—के जरिए ही किया जा सकेगा।
प्राधिकरण के अनुसार, यह कदम इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है। डिजिटल भुगतान से टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही तेज होगी, लंबी कतारों में कमी आएगी और लेन-देन अधिक पारदर्शी बनेगा। पिछले कुछ वर्षों में FASTag का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों तक पहुंच चुका है, जिससे बिना रुके टोल पार करना संभव हुआ है।
अब कई टोल प्लाजा पर UPI के माध्यम से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे यात्रियों को तत्काल और सुविधाजनक डिजिटल विकल्प मिल रहा है। वर्तमान नियमों के तहत यदि कोई वाहन बिना वैध FASTag के टोल पर पहुंचता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे निर्धारित शुल्क का दोगुना वसूला जाता है। वहीं UPI से भुगतान की स्थिति में 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। इन प्रावधानों का उद्देश्य नकद लेन-देन को हतोत्साहित करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।
देशभर में 1,150 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं। प्रस्ताव लागू होने पर सभी स्थानों पर डिजिटल प्रणाली अनिवार्य हो जाएगी। NHAI का लक्ष्य एक पूर्णतः कैशलेस और स्वचालित टोलिंग व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सके। हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन आधिकारिक घोषणा जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।