बांग्लादेश में चुनाव के बीच हिंदू युवक की नृशंस हत्या; हाथ-पैर बंधा मिला शव, शरीर पर गहरे जख्मों के निशान

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 03:19 PM

another hindu ratan sahukar murdered just before the bangladesh elections

बांग्लादेश में चुनाव से ठीक पहले मौलवीबाजार में एक और हिंदू युवक रतन साहूकार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हाथ-पैर बंधे शव और गहरे जख्मों ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनावी माहौल में बढ़ती हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ाई है।

International Desk:  बांग्लादेश में आम चुनाव के दिन वोटिंग जारी है, लेकिन उससे ठीक पहले हिंदू अल्पसंख्यक पर हुई एक और हत्या ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। मौलवीबाजार जिले में बुधवार को 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव संदिग्ध हालात में बरामद किया गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गहरे जख्मों के निशान मिले हैं।

 

मौलवी बाजार से मिली लाश 
रतन साहूकार चंपा इलाके के चाय बागानों में काम करता था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शव पर चोटों से खून बह रहा था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई। रतन के सहकर्मियों ने पुलिस को बताया कि जिस तरह से उसके हाथ-पैर बांधे गए और शरीर पर चोटें हैं, उससे यह सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हत्या चुनाव से जुड़ी हिंसा है या किसी अन्य कारण से हुई।

 

 पहले भी हो चुकी  ऐसी वारदातें
यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले मैमनसिंह जिले में 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी दुकान में ही हत्या कर शटर बंद कर दिया और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। शेख हसीना के भारत आने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार पर कट्टरपंथी तत्वों को खुली छूट देने के आरोप लगते रहे हैं।

 

 चुनावी माहौल और सरकार की अपील
आज बांग्लादेश में सुबह 7:30 बजे से वोटिंग जारी है, जो शाम 4:30 बजे तक चलेगी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है। लेकिन चुनाव से पहले हुई यह हत्या उनकी अपीलों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
 
 

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