रियल एस्टेट स्कैम में ED की बड़ी कार्रवाई, सव्यसाची इंफ्रा की ₹15.4 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क

Edited By Updated: 29 Jan, 2026 08:31 PM

ed attaches 15 40 crore properties savyasachi infrastructure

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम जोन से बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में रियल एस्टेट कंपनी सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (SIPL) पर शिकंजा कस दिया है।

नेशनल डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम जोन से बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में रियल एस्टेट कंपनी सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (SIPL) पर शिकंजा कस दिया है। ED ने PMLA कानून के तहत कंपनी और उससे जुड़े लोगों की ₹15.40 करोड़ मूल्य की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। ये संपत्तियां हरियाणा के फर्रुखनगर (गुरुग्राम) इलाके में स्थित हैं।

किन मामलों के आधार पर हुई कार्रवाई?

ED की यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज 3 अलग-अलग FIR के आधार पर की गई है। इन मामलों में कंपनी, उसके डायरेक्टर विजय राजन और अन्य सहयोगियों पर निवेशकों से धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।

घोटाले का पूरा मामला क्या है? 

ED की जांच में सामने आया कि कंपनी ने निवेशकों को फंसाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन ज़मीन पर कुछ भी नहीं था।कंपनी ने Amaya Greens, Amaya Greens Extension और Amaya Bazaar जैसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए। प्लॉट, फ्लैट और SCO देने का लालच देकर फर्रुखनगर सेक्टर-3 में निवेश कराया। 2019 से ही बिना लाइसेंस, बिना सरकारी मंजूरी और बिना जमीन के मालिकाना हक के बुकिंग शुरू कर दी।

वादा किया गया – 1 साल में कब्जा और रिटर्न, लेकिन न कब्जा मिला न पैसा वापस। एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेच दिया गया (डुप्लिकेट बुकिंग)। निवेशकों से मिले पैसे से अपने करीबी और बेनामी लोगों के नाम पर जमीन खरीदी गई। ED के मुताबिक करीब ₹18 करोड़ की अवैध कमाई की गई और 100 से ज्यादा निवेशकों को चूना लगाया गया। साइट पर आज तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।

कौन-कौन हैं आरोपी?

तीनों FIR में पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें शामिल हैं:

  • विजय राजन (डायरेक्टर)
  • हर्ष खन्ना
  • दीपक गुप्ता
  • मनीष तुषीर
  • मोहन लाल
  • मनोज दुबे
  • आशा कौशिक
  • राघव कौशिक
  • संजीव शर्मा
  • सत्यजीत सिंह सहित अन्य

ED की कार्रवाई का क्या मतलब है?

कुर्क की गई संपत्तियों को अब आरोपी बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकते। निवेशकों के पैसे की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। रियल एस्टेट में धोखाधड़ी करने वालों के लिए सख्त संदेश। ED ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।

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