महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे ने अचानक क्यों छोड़े अपने अहम विभाग? सामने आई बड़ी वजह

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 05:43 PM

eknath shinde departments handover budget session

महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार, 23 फरवरी 2026 से शुरू हो गया। यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के विमान हादसे में निधन के बाद पहला बजट सत्र है।

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार, 23 फरवरी 2026 से शुरू हो गया। यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के विमान हादसे में निधन के बाद पहला बजट सत्र है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis 6 मार्च को राज्य का वार्षिक बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि बजट में दिवंगत नेता की प्राथमिकताओं और लंबित योजनाओं को भी जगह दी जा सकती है।

एकनाथ शिंदे ने विभागों की जिम्मेदारी सौंपी

उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने बजट सत्र की अवधि तक अपने पास मौजूद कुछ अहम विभागों का प्रभार अस्थायी रूप से अन्य मंत्रियों को दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष Rahul Narwekar को पत्र भी लिखा है।

किसे मिला कौन सा विभाग?

  • सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) – कैबिनेट मंत्री Dada Bhuse
  • नगर विकास विभाग – कैबिनेट मंत्री Uday Samant
  • गृह निर्माण विभाग – कैबिनेट मंत्री Shambhuraj Desai

सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था केवल सत्र समाप्त होने तक लागू रहेगी, ताकि दोनों सदनों—विधानसभा और विधान परिषद—में विभागीय सवालों के जवाब समय पर दिए जा सकें।

 सत्र की शुरुआत: श्रद्धांजलि और नई जिम्मेदारी

सत्र की शुरुआत राज्यपाल Acharya Devvrat के अभिभाषण से हुई। पहले दिन दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही उनकी पत्नी Sunetra Pawar, जो अब उपमुख्यमंत्री हैं, का सदन में औपचारिक परिचय कराया गया। यह उनका पहला विधानसभा सत्र है। शोक प्रस्ताव के चलते पहले दिन विपक्ष ने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन अगले दिनों में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।

 विमान हादसे पर सियासी घमासान

28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे की जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। एनसीपी के दोनों गुट जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। एक विधायक ने यहां तक आरोप लगाया कि हादसे में साजिश की संभावना की जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि वे प्रशासनिक अनुशासन और कार्यकुशलता के लिए जाने जाते थे और राज्य की राजनीति में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

क्यों अहम है यह बजट सत्र?

महायुति सरकार मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में है। ऐसे में यह बजट सत्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और राजनीतिक रणनीति का संकेत देगा। साथ ही, दिवंगत नेता की अधूरी परियोजनाओं और घोषणाओं को बजट में शामिल करने की चर्चा भी तेज है।

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