Edited By Radhika,Updated: 05 Feb, 2026 04:51 PM

मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में गुरुवार (5 फरवरी 2026) को हुए भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह धमाका इतना जोरदार था कि खदान के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।घटना के बाद...
नेशनल डेस्क: मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में गुरुवार (5 फरवरी 2026) को हुए भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह धमाका इतना जोरदार था कि खदान के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सामने आई जानकारी के अनुसार, ताशखाई की इस खदान में मजदूर रोजाना की तरह खुदाई का काम कर रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। आशंका जताई जा रही है कि धमाका खदान के भीतर गैस रिसाव या विस्फोटक सामग्री के गलत इस्तेमाल के कारण हुआ हो सकता है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि मरने वाले अधिकांश मजदूर असम के रहने वाले थे। इनमें से एक की पहचान असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव के निवासी के रूप में हुई है। मेघालय पुलिस और बचाव दल मलबे में फंसे अन्य संभावित मजदूरों की तलाश में जुटे हैं।
अवैध खनन और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर मेघालय में चल रहे अवैध 'रैट-होल' (Rat-hole) माइनिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए। धमाके के कारणों की तकनीकी जांच (Technical Investigation) शुरू की गई है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजे का आश्वासन दिया है।