Edited By Kamini,Updated: 05 Feb, 2026 03:45 PM

पंजाब केसरी समूह के प्रतिष्ठानों पर स्टेट GST टीमों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
पंजाब डेस्क : पंजाब केसरी समूह के प्रतिष्ठानों पर स्टेट GST टीमों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। GST टीमों की रेड को लेकर कांग्रेस सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा का बयान सामने आया है। प्रताप बाजवा ने ट्वीट कर कहा, ''इसे सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई मानने से इनकार करते हुए कहा है कि यह कदम मीडिया को डराने और उसकी आवाज दबाने की कोशिश जैसा प्रतीत होता है। यह प्रेस को डराने और चुप कराने की एक खुली कोशिश है। जब कानून बनाए रखने वाली संस्थाओं का इस्तेमाल मीडिया हाउस को निशाना बनाने के लिए किया जाता है, तो लोकतंत्र खुद खतरे में पड़ जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब कानून लागू करने वाली एजेंसियों को मीडिया हाउस को निशाना बनाने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब मे आम आदमी पार्टी की सरकार छापे और दमन के जरिए अलग राय रखने वालों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने पंजाब केसरी में रेड और जबरदस्ती के जरिए आवाज को दबाने पर कोशिश की है। प्रताप सिंह बाजवा ने आगे कहा कि आजाद प्रेस सत्ता में बैठे लोगों की दी हुई कोई मेहरबानी नहीं है, यह एक संवैधानिक गारंटी है। कोई भी सरकार जो सवालों से डरती है, वह लाजमी तौर पर पत्रकारों से भी डरेगी। पंजाब पारदर्शिता का हकदार है, न कि डराने-धमकाने का। अंत में कहा गया कि पंजाब को डर का माहौल नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए।
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