Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Feb, 2026 03:33 PM

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी की रफ्तार थम गई और सेंसेक्स-निफ्टी पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव हावी हो गया। कमजोर वैश्विक संकेत, मेटल शेयरों में गिरावट और ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखा। तीन दिनों की...
बिजनेस डेस्कः घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी की रफ्तार थम गई और सेंसेक्स-निफ्टी पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव हावी हो गया। कमजोर वैश्विक संकेत, मेटल शेयरों में गिरावट और ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखा। तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर खासतौर पर स्मॉलकैप शेयरों पर ज्यादा नजर आया।
सेंसेक्स 503 अंक गिरकर 83,313.93 के स्तर पर आ गया और निफ्टी 133 अंक टूटकर 25,642.80 के स्तर पर बंद हुआ। इंडेक्स में ज्यादातर शेयर लाल निशान में रहे और निफ्टी पर गिने-चुने स्टॉक्स ही हरे रहे।
मार्केट गिरने की मुख्य वजहें (Reasons for Market Fall):
मेटल शेयरों में भारी बिकवाली – ग्लोबल मेटल कीमतों में गिरावट से निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2% टूटा, जिससे पूरे बाजार पर दबाव आया।
ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली – हालिया तेजी और ट्रेड डील की खबरों के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे इंडेक्स नीचे फिसले।
कमजोर वैश्विक संकेत – एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
FII की सुस्त खरीदारी – विदेशी निवेशकों की नेट खरीदारी बहुत कम रही, जिससे बाजार को सपोर्ट नहीं मिला।
RBI पॉलिसी से पहले सतर्कता – मौद्रिक नीति के फैसले से पहले निवेशकों ने नए दांव लगाने से परहेज किया।
इंडिया VIX में उछाल – वोलैटिलिटी बढ़ने से बाजार में घबराहट और तेज उतार-चढ़ाव देखा गया।
वीकली एक्सपायरी का असर – सेंसेक्स डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी के चलते पोजिशन अनवाइंडिंग और रोलओवर से बाजार में दबाव बना।