Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 Sep, 2026 11:59 AM

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में फर्जी निवेश कंपनी और मुखौटा कंपनियों के जरिए एक बड़े निवेश घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी जालसाजों ने हर महीने 5 प्रतिशत भारी रिटर्न का लालच देकर 68 लोगों से 7.09 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए...
चेन्नई : महाराष्ट्र के ठाणे जिले में फर्जी निवेश कंपनी और मुखौटा कंपनियों के जरिए एक बड़े निवेश घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी जालसाजों ने हर महीने 5 प्रतिशत भारी रिटर्न का लालच देकर 68 लोगों से 7.09 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक निजी निवेश कंपनी के 6 निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह धोखाधड़ी कई वर्षों तक कई मुखौटा कंपनियों के जरिये की गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के मलाड का एक वड़ा पाव विक्रेता 2018 में 'बीमा पॉलिसी' खरीदना चाहता था। इसी दौरान एक परिचित ने उसकी मुलाकात आरोपियों में से एक से कराई, जो उस समय 'शेयर ब्रोकिंग' की एक कंपनी चलाता था।
अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति ने शुरुआत में 5,000 रुपये जमा किए और बाद में आरोपी की कंपनी में तीन लाख रुपये निवेश किए। उसे हर महीने पांच प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया गया था। इसी तरह के वादे पर कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में पैसा निवेश किया। अधिकारी के अनुसार जब पीड़ित ब्याज की रकम लेने मुंबई के कांदिवली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारियों ने भुगतान में 45 दिन की देरी की और उन पर हलफनामों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया।
इन हलफनामों में निवेश की गई रकम को आरोपी को दिया गया निजी कर्ज बताया गया था। इसके बाद कंपनी की यह शाखा बंद कर दी गई। पुलिस के अनुसार, इसके बाद निवेशकों को मुंबई के भांडुप इलाके में स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय भेजा गया जहां उन्हें 'कैंसल्ड चेक' और ऑनलाइन निकासी की रसीदें दी गईं। बाद में उन्हें एक ईमेल मिला जिसमें बताया गया कि कंपनी का संचालन छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
भांडुप पुलिस ने शेयर ब्रोकिंग कंपनी चलाने वाले आरोपी को निवेश धोखाधड़ी के मामले में मई 2023 में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद उसने एक वीडियो संदेश जारी कर नयी कॉरपोरेट पहल की घोषणा की। अधिकारी ने बताया कि विक्रेता ने ठाणे के डोंबिवली में आरोपी से मुलाकात की।
आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी 5.37 लाख रुपये की फंसी रकम वापस पाने के लिए उसे 22 महीने की मुनाफा योजना के तहत 80,550 रुपये और देने होंगे। विक्रेता ने यह रकम दे दी, लेकिन उसे वादे के मुताबिक भुगतान नहीं मिला।
पुलिस ने बताया कि विक्रेता और अन्य पीड़ितों ने रविवार को रामनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके मुताबिक 68 लोगों से कुल 7.09 करोड़ रुपये की ठगी की गई। प्रत्येक व्यक्ति से 14 लाख रुपये से लेकर 84 लाख रुपये तक की रकम ठगी गई। पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।