Gold/Silver Price Crash : इन 3 कारणों से सोने-चांदी के रेटों में आई भारी गिरावट, जानें ताजा भाव

Edited By Updated: 16 Feb, 2026 08:28 PM

gold and silver prices fell sharply due to these 3 reasons

सप्ताह की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरी रही। राजधानी दिल्ली में जहां चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना मजबूती के साथ ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर की चाल, अंतरराष्ट्रीय संकेत और कमजोर मांग...

नेशनल डेस्क : सप्ताह की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरी रही। राजधानी दिल्ली में जहां चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना मजबूती के साथ ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर की चाल, अंतरराष्ट्रीय संकेत और कमजोर मांग ने मिलकर कीमतों की दिशा तय की है।

दिल्ली में चांदी लुढ़की, सोना चमका

सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके बाद चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (कर सहित) पर आ गई। इससे पहले यह 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। यानी एक ही सत्र में इसमें करीब 5,000 रुपये की कमी दर्ज की गई।

इसके उलट, सोने ने मजबूती दिखाई। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 700 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त के साथ 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (कर सहित) तक पहुंच गया। पिछला बंद भाव 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। लगातार वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को सहारा मिला है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मिले-जुले संकेत

वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में दबाव देखने को मिला। हाजिर चांदी करीब 1 प्रतिशत टूटकर 76.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं सोना भी लगभग 1 प्रतिशत फिसलकर 5,003.01 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया। विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव बना। हालांकि, केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण सोने की गिरावट सीमित रही। तकनीकी और एआई सेक्टर में कमजोरी ने भी सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया है।

डॉलर, मांग और छुट्टियों का असर

बाजार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में हल्की मजबूती और घरेलू स्तर पर खरीदारी में कमी ने चांदी की कीमतों को नीचे धकेला। इसके अलावा, चंद्र नव वर्ष के चलते चीन के बाजार बंद रहे, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों में सुस्ती आई। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में चांदी की कीमतों में चीन की भागीदारी अहम रही है। ऐसे में वहां के बाजार बंद रहने से वैश्विक कारोबार प्रभावित हुआ और कीमतों में नरमी देखने को मिली।

अब इन आंकड़ों पर टिकी नजर

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कुछ अहम आर्थिक आंकड़ों से तय हो सकती है। निवेशकों की निगाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पसंदीदा महंगाई संकेतक पीसीई प्राइस इंडेक्स पर है, जो जल्द जारी होने वाला है। इसके अलावा फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के मिनट्स, अमेरिकी जीडीपी के आंकड़े और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के फ्लैश पीएमआई डेटा भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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