Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Feb, 2026 07:06 PM

फरवरी का महीना कीमती धातुओं के बाजार के लिए रोलर-कोस्टर साबित हुआ है। महीने की शुरुआत में जहां सोना और चांदी नए रिकॉर्ड बना रहे थे, वहीं अब दूसरे हफ्ते के अंत तक बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई है। जिन लोगों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की, उनके लिए यह...
नेशनल डेस्क : फरवरी का महीना कीमती धातुओं के बाजार के लिए रोलर-कोस्टर साबित हुआ है। महीने की शुरुआत में जहां सोना और चांदी नए रिकॉर्ड बना रहे थे, वहीं अब दूसरे हफ्ते के अंत तक बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई है। जिन लोगों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की, उनके लिए यह झटका है, जबकि नए खरीदारों के लिए यह मौका माना जा रहा है।
सोना: ऊंचाई से सीधा नीचे
महीने की पहली तारीख को 24 कैरेट सोना करीब 1,81,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था। यह कीमत ऐतिहासिक मानी जा रही थी। लेकिन महज दो हफ्तों में तस्वीर बदल गई। 14 फरवरी तक आते-आते सोने का भाव गिरकर करीब 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी 14 दिनों में लगभग 25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई है। इतनी तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है।
चांदी: ज्यादा चढ़ी, ज्यादा फिसली
चांदी में उतार-चढ़ाव और भी तीखा रहा। महीने की शुरुआत में इसका भाव 3.50 लाख से 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच पहुंच गया था। लेकिन अब यही चांदी करीब 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। दो हफ्तों में लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिन्होंने ऊंचे स्तर पर मुनाफा कमाया था, उन्होंने तेजी से बिकवाली की, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
गिरावट के पीछे क्या वजह?
- मुनाफावसूली: जनवरी के अंत में तेज तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया।
- डॉलर का असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
- बजट फैक्टर: बजट के बाद टैक्स और ड्यूटी से जुड़े बदलावों का असर भी बाजार पर दिखा।
इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार की दिशा बदल दी।
खरीदारों के लिए मौका या जोखिम?
विशेषज्ञ मानते हैं कि शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। हालांकि बाजार अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए निवेश या बड़ी खरीद से पहले रुझान पर नजर रखना जरूरी है।