Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Oct, 2026 07:56 PM

रुपये में मजबूती और हाजिर मांग कमजोर रहने से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सोना 900 रुपये टूटकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। स्थानीय कारोबारियों के...
नेशनल डेस्क : रुपये में मजबूती और हाजिर मांग कमजोर रहने से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सोना 900 रुपये टूटकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव सभी करों सहित 900 रुपये घटकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। बुधवार को सोना 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। इसका भाव पिछले बंद स्तर 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से 6,000 रुपये घटकर 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। ये कीमतें सभी करों सहित हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि रुपये में मजबूती और भौतिक बाजार में कमजोर मांग के कारण घरेलू बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। बृहस्पतिवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 12 पैसे की बढ़त के साथ 95.05 पर बंद हुआ।
भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा बाजार में संरचनात्मक हस्तक्षेप का असर रुपये को समर्थन दे रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार में भारी बिकवाली के बाद कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से सर्राफा बाजार में सुधार आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 49.32 डॉलर यानी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 4,154.65 डॉलर प्रति औंस हो गया। वहीं, चांदी करीब दो प्रतिशत चढ़कर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि डॉलर सूचकांक में गिरावट और अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कारोबार में हाजिर सोना बढ़कर करीब 4,158 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श के भाषण और महीने के अंत में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणा पर है। इनसे ब्याज दरों, डॉलर और सोने-चांदी की कीमतों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।