सोना-चांदी भरभरा कर धड़ाम! एक ही दिन में 27,000 रुपए तक टूटे दाम, जानें गिरावट के पीछे के बड़े कारण

Edited By Updated: 23 Mar, 2026 05:52 PM

gold silver price crash 27 000 broken down in one day

सोमवार, 23 मार्च 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई।

Gold-Silver Price Crash: वैश्विक बाजारों में जारी भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष और युद्ध की आहट के बावजूद, सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित 'ब्लैक मंडे' जैसी गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध के समय सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने ने इस बार निवेशकों को हैरान कर दिया है, क्योंकि कीमतों में एक ही दिन में 7 से 9 प्रतिशत तक की बड़ी सेंध लगी है। 

बाजार का हाल: धूल चाटते नजर आए कीमती धातु 

सोमवार दोपहर करीब 3:15 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमतों का नजारा कुछ इस तरह था: 

धातु    वर्तमान भाव (प्रति यूनिट)    गिरावट (रुपये में)    गिरावट (प्रतिशत)
सोना (Gold)    ₹1,34,042    -₹10,420    7.25%
चांदी (Silver)    ₹2,05,439    -₹21,172    9.43% 

शुक्रवार के बंद स्तर की तुलना में सोमवार को सोना लगभग ₹15,000 और चांदी करीब ₹27,000 तक नीचे गिर गई। 

क्यों आई यह भारी गिरावट? 5 मुख्य कारण 

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और कुछ रणनीतिक कारण जिम्मेदार हैं: 

ईरान-अमेरिका के बीच सीधा टकराव: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसके पावर ग्रिड पर हमला करते हैं, तो वह खाड़ी देशों के ऊर्जा और जल ढांचे को निशाना बनाएगा। इस सीधे टकराव की धमकी ने बाजार में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है। 

कच्चे तेल में उबाल: वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल $110 प्रति बैरल के पार बना हुआ है। ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकियों ने महंगाई के डर को बढ़ा दिया है, जिससे अन्य परिसंपत्तियों से पैसा निकाला जा रहा है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को बंद करने की धमकी ने वैश्विक तेल सप्लाई चेन को संकट में डाल दिया है। तेल संकट की आशंका ने निवेशकों को लिक्विड कैश की ओर भागने पर मजबूर किया है। 

ब्याज दरों की अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने सोने की चमक फीकी कर दी है। ऊंचे ब्याज दर के माहौल में निवेशक बिना ब्याज वाले सोने के बजाय डॉलर या बॉन्ड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
 

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