Edited By Ramanjot,Updated: 21 Mar, 2026 05:25 PM

वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिकी फेड रिजर्व के सख्त रुख के कारण सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
Gold Silver Price Drop : वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, बीते कई महीनों में पहली बार सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी फेड रिजर्व के सख्त रुख और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है, जिससे पिछले 15 महीनों में पहली बार बाजार में भारी बिकवाली का दौर देखा जा रहा है।
सोने की कीमतों में भारी गिरावट
शुक्रवार को सोने का भाव लुढ़ककर 1,45,570 रुपये के स्तर पर आ गया। इस सप्ताह सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम 12,766 रुपये की भारी कमी आई है, जो जनवरी के बाद से किसी भी एक हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट है। मार्च महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक सोना 15,330 रुपये सस्ता हो चुका है। यदि गिरावट का यह सिलसिला जारी रहा, तो सवा साल में यह पहला मौका होगा जब किसी एक महीने में सोने में केवल बिकवाली दर्ज की गई हो।
चांदी भी हुई धड़ाम
चांदी की कीमतों पर भी चौतरफा दबाव साफ दिख रहा है। शुक्रवार को चांदी का भाव 2,28,871 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। इस एक हफ्ते के भीतर चांदी की कीमतों में 29,645 रुपये की बड़ी गिरावट आई है। इससे पहले ऐसी बड़ी गिरावट जनवरी के आखिरी हफ्ते में देखी गई थी जब कीमतें 69,047 रुपये तक गिरी थीं।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे तीन बड़े वैश्विक कारण हैं:
डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में तेजी: वैश्विक स्तर पर डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है।
मिडिल ईस्ट का तनाव: मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष की वजह से निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ी है।
अमेरिकी फेड रिजर्व का रुख: फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।