Gold Silver Price Crash: सोने- चांदी की कीमतों में आई अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट, इतने रह गए दाम

Edited By Updated: 23 Mar, 2026 01:46 PM

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सोमवार, 23 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 12,000 रुपये टूटकर 1,33,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 26,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,03,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।...

नेशनल डेस्कः सोमवार, 23 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 12,000 रुपये टूटकर 1,33,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 26,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,03,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई। डॉलर की मजबूती, वैश्विक तनाव और मुनाफावसूली के कारण बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

सोमवार, 23 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। हाल के दिनों में लगातार रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रहे इन कीमती धातुओं में अचानक आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि चांदी में लोअर सर्किट तक लग गया।

बाजार में बड़ी गिरावट

कारोबार के शुरुआती घंटों में ही सोने की कीमतों में भारी टूट देखी गई। हाल ही में 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करने वाला सोना गिरकर करीब 1,33,000 रुपये पर आ गया। इस प्रकार एक ही दिन में सोने की कीमतों में 12,000 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई, जो लगभग 7.7% की गिरावट को दर्शाती है।

वहीं, चांदी की कीमतों में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी, जो कुछ दिन पहले 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई थी, अब गिरकर लगभग 2,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इसमें 26,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो 10% से ज्यादा की कमी को दिखाती है।

वैश्विक कारणों का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि एक तरह का बाजार क्रैश है। इसके पीछे कई बड़े वैश्विक कारण जिम्मेदार बताए जा रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव की स्थिति ने कच्चे तेल की कीमतों को 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और ब्याज दरों के बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।

इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स के 100 के स्तर को पार करने से अमेरिकी मुद्रा मजबूत हुई है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी जैसी धातुओं में निवेश घटता है, जिससे उनकी कीमतों पर दबाव बनता है।

मुनाफावसूली से बढ़ी गिरावट

बाजार में ऊंचे स्तर पर निवेश कर चुके बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी इस गिरावट का प्रमुख कारण मानी जा रही है। अचानक हुई भारी बिकवाली के चलते बाजार में फ्री-फॉल जैसी स्थिति बन गई, जिससे कीमतें तेजी से नीचे आईं।

निवेशकों के लिए संकेत

इस अप्रत्याशित गिरावट ने निवेशकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है या कीमतों में अभी और गिरावट आ सकती है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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