Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Feb, 2026 12:20 PM

सरकार ने 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया है और इस बार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर पर खास ध्यान दिया गया है। नए नियमों और योजनाओं के जरिए सरकार ने भारत के EV इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में अहम...
नेशनल डेस्क: सरकार ने 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया है और इस बार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर पर खास ध्यान दिया गया है। नए नियमों और योजनाओं के जरिए सरकार ने भारत के EV इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए किए गए इन ऐलानों के बाद आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारें और अन्य EV सस्ती होंगी या फिर उनकी कीमतें अभी और बढ़ेंगी।
फिलहाल कीमतों में नहीं होगा तुरंत बदलाव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की एक्स-शोरूम कीमतों में अभी किसी तरह की तत्काल कटौती की उम्मीद नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार ने इस बजट में EV पर लगने वाले GST में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि बजट में की गई कुछ घोषणाएं भविष्य में EV की लागत को कम करने में मदद कर सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे कीमतों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है।
PLI स्कीम से मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट
बजट में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम के विस्तार का ऐलान किया गया है। EV कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI फंडिंग बढ़ाकर 5940 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके पुर्जों का उत्पादन बढ़ेगा। इसके साथ ही लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी में छूट दी गई है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि बैटरी की लागत कम हो सकती है, जो किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत का बड़ा हिस्सा होती है। बैटरी सस्ती होने से आने वाले समय में EV की कीमतें घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्भरता घटाने की तैयारी
सरकार ने बजट में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में ये कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी के लिए रेयर अर्थ मिनरल्स बेहद जरूरी होते हैं और फिलहाल भारत इनका बड़ा हिस्सा आयात करता है। देश में ही इन मिनरल्स की उपलब्धता बढ़ने से इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी और इससे मैन्युफैक्चरिंग लागत घटने की संभावना है।
PM E-DRIVE स्कीम को मिला बड़ा बजट
EV सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ई-ड्राइव स्कीम के तहत भी बड़ा ऐलान किया गया है। इस स्कीम के लिए बजट में 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत EV चार्जिंग और पेमेंट से जुड़ा एक सुपर ऐप लॉन्च किया जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को इंसेंटिव देने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे EV को अपनाने की रफ्तार तेज हो सकती है।
भविष्य में मिल सकती है कीमतों में राहत
हालांकि बजट के तुरंत बाद इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में कोई सीधी कटौती देखने को नहीं मिलेगी, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी प्रोडक्शन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए गए ये फैसले लंबे समय में EV को सस्ता और ज्यादा किफायती बना सकते हैं। सरकार के इन कदमों से यह साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपनाना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि जेब पर भी ज्यादा भारी नहीं पड़ेगा।