8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की लगी लॉटरी, अब उम्र के साथ अपने आप बढ़ेगी पेंशन, जानें क्या है अपडेट?

Edited By Updated: 01 Jun, 2026 11:01 AM

government employees are in for a treat pensions will now increase with age

देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इस बार चर्चा सिर्फ फिटमेंट फैक्टर या महंगाई भत्ते (DA) तक सीमित नहीं है बल्कि सरकार और कर्मचारी संगठनों का...

8th Pay Commission : देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इस बार चर्चा सिर्फ फिटमेंट फैक्टर या महंगाई भत्ते (DA) तक सीमित नहीं है बल्कि सरकार और कर्मचारी संगठनों का पूरा ध्यान सेवानिवृत्त (Retired) कर्मचारियों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा पर है। आठवें वेतन आयोग के तहत एक ऐसे लचीले पेंशन ढांचे (Flexible Pension Structure) पर विचार किया जा रहा है जो बुजुर्ग होते कर्मचारियों को और अधिक आर्थिक मजबूती देगा।

आइए विस्तार से जानते हैं कि नए प्रस्तावों के तहत पेंशन के नियमों में क्या-क्या क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं:

यह भी पढ़ें: Multiple Sclerosis Warning: अगर आप भी हैं 20 से 40 साल के, तो शरीर के इन इशारों को न करें इग्नोर, हो सकती है यह गंभीर बीमारी

नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने वेतन आयोग को सौंपे अपने आधिकारिक ज्ञापन (Memorandum) में एक बड़ी मांग रखी है। प्रस्ताव के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पूर्ण पेंशन की राशि को वर्तमान के 50% से बढ़ाकर सीधे 67% किया जाना चाहिए। यह गणना कर्मचारी की आखिरी बार पाई गई सैलरी (Last Pay Drawn) या पिछले 10 महीनों के औसत वेतन के आधार पर होगी (जो भी कर्मचारी के हित में अधिक हो)।

उम्र के साथ बढ़ती जाएगी पेंशन

एक संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए प्रस्ताव दिया गया है कि रिटायरमेंट के बाद जैसे-जैसे कर्मचारी की उम्र बढ़ेगी हर 5 साल में उसकी पेंशन में 5% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इस उम्र-आधारित फॉर्मूले (Age-based Pension Structure) का खाका कुछ इस तरह तैयार किया गया है:

कर्मचारी की आयु,       मिलने वाली पेंशन (आखिरी सैलरी का %)
65 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 70%
70 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 75%
75 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 80%
80 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 85%
85 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 90%
90 वर्ष होने पर,                आखिरी वेतन का 100% (यानी पूरी सैलरी जितनी पेंशन)

यह भी पढ़ें: 'Masterchef India' सीजन-1 की विजेता और जानी-मानी सेलिब्रिटी शेफ को हुआ Breast Cancer, चिंता में डूबे फैंस

कर्मचारियों को खुद चुनने मिलेगा विकल्प

ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार कर्मचारी प्रतिनिधियों और आयोग के बीच इस बात पर सहमति बनती दिख रही है कि पेंशनर्स को एक ही ढर्रे पर बांधने के बजाय उन्हें विकल्प दिए जाएं। नए नियमों के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को यह आजादी मिल सकती है कि वे अपनी जरूरत और वित्तीय योजना के हिसाब से देश की तीन प्रमुख पेंशन प्रणालियों में से किसी एक को चुन सकें:

पुरानी पेंशन योजना (OPS): यह पूरी तरह सुरक्षित मॉडल है, जिसमें आखिरी सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर गारंटीड पेंशन मिलती है। इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है, कर्मचारियों की सैलरी से कुछ नहीं कटता।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS): इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों का अंशदान (Contribution) होता है। इसका पैसा बाजार (Share Market) में निवेश किया जाता है, इसलिए इसका रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।

यह भी पढ़ें: 'मुझे मौत दे दीजिए कलेक्टर साहब,' बीवी के उत्पीड़न से तंग आया पति, लागए ऐसे गंभीर आरोप कि...

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS): यह योजना बीच का रास्ता है। इसमें NPS की तरह हर महीने कटौती तो होती है, लेकिन कर्मचारियों को बुढ़ापे में एक निश्चित और एश्योर्ड (Guaranteed) पेंशन का लाभ भी मिलता है।

1.1 करोड़ से अधिक लोगों पर होगा सीधा असर

आठवें वेतन आयोग की ये सिफारिशें देश के वित्तीय और सामाजिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होंगी। इसके लागू होते ही देश के 1.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचेगा जिसमें वर्तमान केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार शामिल हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!