Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Jun, 2026 08:44 PM

गर्भवती महिलाओं को राहत देने के लिए सरकार द्वारा एक योजना चलाई जा रही है, इस योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भपात के समय महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाना है। योजना के तहत पहले जीवित बच्चे के जन्म...
नेशनल डेस्क : गर्भवती महिलाओं को राहत देने के लिए सरकार द्वारा एक योजना चलाई जा रही है, इस योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भपात के समय महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाना है। योजना के तहत पहले जीवित बच्चे के जन्म पर पात्र महिला को कुल 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इसी के साथ अगर दूसरा बच्चा बेटी है, तो महिला को 6000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाती है।
2 किस्तों में मिलेंगे पैसे
पहली किस्त प्राप्त करने के लिए महिला को गर्भावस्था का पंजीकरण कराना होता है। इसके साथ ही अंतिम मासिक धर्म (LMP) की तारीख से छह महीने के भीतर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) कराना अनिवार्य है। जांच आंगनवाड़ी केंद्र या सरकार से मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में होनी चाहिए। पात्रता पूरी होने पर 3,000 रुपये की पहली किस्त जारी की जाती है।
दूसरी किस्त के रूप में 2,000 रुपये तब दिए जाते हैं, जब बच्चे के जन्म का पंजीकरण कराया जाए और जन्म के बाद 14 सप्ताह तक सभी आवश्यक टीकाकरण पूरे कर लिए जाएं।
इन महिलाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए और गर्भवती हो और गर्भावस्था के कारण उसकी आय या मजदूरी प्रभावित हो रही हो। इसके लिए इन महिलाओं को भी लाभ मिल सकता है...
- अनुसूचित जाति (SC) की महिलाएं
- अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाएं
- 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग महिलाएं
- बीपीएल राशन कार्ड धारक
- ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं
- पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ी महिला किसान
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं
- ऐसे परिवारों की महिलाएं जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं
- आशा कार्यकर्ता
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्ड धारक महिलाएं