ये कैसी आफत: महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रहा पुरुष हार्मोन, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Edited By Updated: 26 May, 2026 03:29 PM

gsvm medical college research hyperandrogenism is on the rise among young girl

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज और एलएलआर (LLR) अस्पताल से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। अस्पताल की ओपीडी (OPD) और हालिया रिसर्च के दौरान यह देखा गया कि बड़ी संख्या में...

Women Health Kanpur : उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज और एलएलआर (LLR) अस्पताल से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। अस्पताल की ओपीडी (OPD) और हालिया रिसर्च के दौरान यह देखा गया कि बड़ी संख्या में महिलाओं और कम उम्र की युवा लड़कियों में पुरुष हार्मोन—टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस गंभीर स्थिति को ‘हाइपरएंड्रोजेनिज्म’ (Hyperandrogenism) कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार इसके पीछे सबसे बड़ी वजह महिलाओं की खराब लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव है।

PunjabKesari

इन आदतों के कारण बिगड़ रहा हार्मोन का संतुलन

अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली महिलाओं के शरीर को अंदर से बीमार कर रही है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना।

घंटों मोबाइल, टीवी और लैपटॉप की स्क्रीन पर समय बिताना।

पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड का अत्यधिक सेवन और केमिकल्सयुक्त खानपान।

PunjabKesari

शारीरिक मेहनत या व्यायाम (Physical Activity) बिल्कुल न करना और लगातार मानसिक तनाव में रहना।

इस हार्मोनल गड़बड़ी के कारण अब कम उम्र की लड़कियों के चेहरे और शरीर पर अनचाहे सख्त बाल उगने (Hirsutism), सिर के बाल झड़ने, चेहरे पर गंभीर मुंहासे (Acne) होने और पीरियड्स (माहवारी) अनियमित होने जैसी समस्याएं तेजी से पैर पसार रही हैं।

PunjabKesari

बढ़ सकता है बांझपन

डॉ. सीमा द्विवेदी के अनुसार पहले इस तरह की बीमारी को केवल पीसीओएस (PCOS) कहा जाता था लेकिन अब इसके बदलते और आक्रामक रूप को देखते हुए डॉक्टर इसे PMOS यानी 'पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम' के रूप में चिन्हित कर रहे हैं। हार्मोन असंतुलन का सबसे बुरा असर महिलाओं के गर्भाशय पर पड़ता है जिससे अंडों (Eggs) के बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। इसके कारण पीरियड साइकिल बिगड़ जाती है जिससे आगे चलकर महिलाओं को गर्भधारण (Pregnancy) करने में भारी परेशानी आती है। कई मामलों में यह समस्या महिलाओं में बांझपन (Infertility) की मुख्य वजह बन रही है।

PunjabKesari

इन गंभीर बीमारियों का है खतरा 

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शरीर में पुरुष हार्मोन बढ़ने से बात सिर्फ पीरियड्स तक नहीं रुकती। इसके कारण शरीर में एस्ट्रोजन और इंसुलिन का लेवल भी अनियंत्रित हो जाता है जो आगे चलकर निम्नलिखित बीमारियों को न्यौता देता है:

टाइप-2 डायबिटीज (Diabetes) और अचानक तेजी से वजन बढ़ना (मोटापा)।

PunjabKesari

बच्चेदानी (Uterus) का कैंसर।

ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां।

वहीं इस मौके पर मेडिकल एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि इस बीमारी को सिर्फ गोलियां या दवाइयां खाकर जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। इससे बचने का एकमात्र और सबसे अचूक उपाय अपनी दिनचर्या को सुधारना है।

PunjabKesari

ऐसे करें बचाव 

डॉक्टरों ने महिलाओं को रात में समय पर सोने, गैजेट्स का इस्तेमाल कम करने, रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या योग करने, संतुलित व घर का बना भोजन अपनाने और खुद को मानसिक तनाव से दूर रखने की सलाह दी है। अगर समय रहते आदतें बदल ली जाएं तो इस खतरे को टाला जा सकता है।

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!