Edited By Niyati Bhandari,Updated: 15 Aug, 2026 03:25 PM

Nag Panchami 2026 Kaal Sarp Dosh Remedies: नाग पंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए अपनाएं ये सरल और प्रभावी उपाय। जानें दान, मंत्र जाप और पूजन की सही विधि।
Nag Panchami 2026 Kaal Sarp Dosh Remedies: हिंदू धर्म में नाग पंचमी के पर्व का विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, जिनकी कुंडली में 'कालसर्प दोष' होता है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन इस दोष के प्रभाव को कम करने और शुभ फल प्राप्त करने का एक स्वर्णिम अवसर होता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहू और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष का निर्माण होता है। इस दोष के कारण व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता पाने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ता है। इसके अलावा राहू-केतु की वजह से यदि जीवन में कोई कठिनाई आ रही है, तो भी नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा करने पर राहू-केतु का बुरा प्रभाव कम हो जाता है।
Nag Panchami Upay कालसर्प दोष की शांति के लिए अचूक उपाय: घर या मंदिर में पंचदशी यंत्र की सिद्धि नागपंचमी के दिन श्रेष्ठ मानी गई है। इस दिन काले तिल, काले उड़द, काली राई, नीला वस्त्र, जामुन, काला साबुन, कच्चे कोयले, सिक्का या लैड आदि दान अथवा चलते पानी में प्रवाहित करने से विशेष लाभ मिलता है।
चांदी का नाग बना कर मध्यमा में धारण किया जा सकता है। शिवलिंग पर तांबे का सर्प अनुष्ठानपूर्वक चढ़ाया जा सकता है। तांबे के लोटे में नाग के जोड़े डाल कर, बहते जल में प्रवाहित किए जा सकते हैं। इस दिन राहू यंत्र भी रखा जा सकता है। काल सर्प दोष निवारण यंत्र स्थापित एवं धारण किया जा सकता है। यह अवसर कालसर्प दोष की शांति पूजा करवाने के लिए उचित होता है।

मंदिर में ऐसी पूजा का विशेष प्रावधान भी किया जाता है। किसी कारण सुयोग्य कर्मकांडी उपलब्ध न हो तो आप खुद भी ओम् रां राहुवे नम: मंत्र या ओम कुरुकुल्ये हुं पट स्वाहा का 108 बार जाप करके शिव प्रतिमा पर दुग्ध, नाग-नागिन की प्रतिमाएं आदि अर्पित कर सकते हैं। इसके अलावा कालसर्प जनन शान्ति नारायण नागबली इत्यादि त्रयंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग, नासिक में भी कराई जाती हैं।
जिनकी जन्मपत्रियों में शनि की दशा या शनि की स्थिति अच्छी नहीं है या शनि के कारण अशुभ फल मिल रहे हों, उन्हें नाग पंचमी पर सांप को दूध अर्पित करने से लाभ मिलता है। आप दूध के पैसे सपेरे को न दें अपितु परोक्ष रूप से नाग को अर्पित करें। यदि सपेरा स्वयं दूध पी जाता है या आप द्वारा दिए गए पैसों का भोजन कर लेता है तो उस उपाय अथवा दान का कोई माहात्म्य नहीं रह जाता। आप उपाय भी करें और उसका लाभ भी न हो इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। सर्पपालक की शुल्क के तौर पर उसे अलग धन राशि दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त नवनाग स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है।
नाग पंचमी पर यदि भवन निर्माण कराना हो तो नींव में सर्प की आराधना के पश्चात चांदी का सर्प रखा जाता है। लाल किताब के अनुसार चलते पानी में नारियल, मसूर की दाल व कच्चा कोयला बहाना अच्छा रहता है। रसोई में ही खाना खाना नागपंचमी पर अच्छा होगा।
