Edited By Punjab Kesari,Updated: 25 Nov, 2017 04:30 PM

गुजरात के कालोल विधानसभा सीट पर ‘35 साल की सास और 50 साल की बहू’ के कथित झगड़े में भाजपा फंसती हुई नजर आ रही है। हलकान भाजपा सांसद प्रभातसिंह चौहाण ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिख कर टिकट पाने वाली पुत्रवधू और अपने बेटे पर गंभीर आरोप लगाते...
गोधरा (गुजरात): गुजरात के कालोल विधानसभा सीट पर ‘35 साल की सास और 50 साल की बहू’ के कथित झगड़े में भाजपा फंसती हुई नजर आ रही है। हलकान भाजपा सांसद प्रभातसिंह चौहाण ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिख कर टिकट पाने वाली पुत्रवधू और अपने बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उम्मीदवार बदलने की आज मांग कर डाली।

क्या है विवाद?
पंचमहाल लोकसभा सीट के आदिवासी सांसद चौहाण ने अपने ही संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली कालोल सीट के लिए अपनी चौथी पत्नी 35 साल की रंगेश्वरी चौहाण के लिए टिकट की मांग की थी पर कल जारी टिकटों की पांचवीं सूची में भाजपा ने यहां से उनके बेटे प्रवीणसिंह चौहान की 50 साल की पत्नी सुमनबेन को उम्मीदवार बना दिया। फिर क्या था घर का झगड़ा बाहर आ गया और रंगेश्वरी ने एक फेसबुक पोस्ट (जिसे बाद में हटा लिया गया) कर अपने पति को बहू के लिए प्रचार कर दिखाने की चुनौती तक दे डाली। रंगेश्वरी कहती है वह बेहतर उम्मीदवार हो सकती हैं उनकी बहू का तो स्थानीय वोटर लिस्ट में नाम तक नहीं है। उधर सुमनबेन का कहना है कि वह चुनाव जीत कर दिखाएंगी। 
चौहाण ने अपने बेटे पर लगाए गंभीर आरोप
चौहाण पहले कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में आए थे। उनके पुत्र ने भी भाजपा छोड़ कर कांग्रेस का दामन थामा था और अभी कुछ ही समय पहले वह वापस पार्टी में लौटे थे। चौहाण ने शाह को लिखे पत्र में अपने लंबे राजनीतिक जीवन तथा कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने की परिस्थितियों और इसके बाद क्षेत्र में पार्टी का प्रभाव बढऩे की चर्चा की है तथा अपने बेटे के शराब के धंधे में लिप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि प्रवीण और सुमनबेन दोनो जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने उम्मीदवार बदलने की मांग की है। उन्होंने इस बात पर दु:ख व्यक्त किया है कि टिकट के बारे में उनसे सलाह नहीं ली गई और चेतावनी दी है कि इस सीट और बगल की गोधरा सीट पर भाजपा हार जायेगी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकेगा।
बताया जाता है कि रंगेश्वरीबेन निर्दलीय उम्मीवारी करने के लिए भी आमादा हैं। आपको बता दें कि गुजरात के एक और सांसद लीलाधर वाघेला ने डीसा सीट पर अपने बेटे के लिए टिकट की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर इस्तीफे की चेतावनी दी है। डीसा के लिए प्रत्याशी की अभी घोषणा नहीं की गई है।