Edited By Sahil Kumar,Updated: 24 Mar, 2026 05:48 PM

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अहम बैठक होने जा रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर आज बंगाल पहुंचे हैं और वे यहाँ एक के बाद एक कई संगठनात्मक बैठकें कर बीजेपी की चुनावी तैयारियों को एक नई धार...
नेशनल डेस्कः भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अहम बैठक होने जा रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर आज बंगाल पहुंचे हैं और वे यहाँ एक के बाद एक कई संगठनात्मक बैठकें कर बीजेपी की चुनावी तैयारियों को एक नई धार देंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन पश्चिम बंगाल केवल समीक्षा करने नहीं आए हैं, बल्कि राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान को एक नए “चक्रव्यूह” में ढालने की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। नितिन नवीन इनदो दिनों में पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेता और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
जानकारी यह भी मिल रही है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नितिन नवीन ने आज पार्टी की डिजिटल, सोशल और जमीनी स्तर पर पहुंच को मजबूत करने के लिए राज्य इकाई के नेताओं के साथ कई ‘उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकों’ की अध्यक्षता भी की। साथ ही, नैरेटिव टीम के साथ भी उन्होंने गहन मंत्रणा की। नितिन नवीन ने राज्य के शीर्ष नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर स्पष्ट संकेत दिया कि इस बार बीजेपी जीत के लिए कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन की कार्यशैली और रणनीतिक सोच बीजेपी को पश्चिम बंगाल में नई दिशा दे सकती है। खासतौर पर बूथ मैनेजमेंट, माइक्रो-लेवल प्लानिंग और स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी अभियान को धार देने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले पार्टी को जिन क्षेत्रों में कमजोरी का सामना करना पड़ा था, वहां अब विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है।
नितिन नवीन का यह दौरा भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों को तेज करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद बीजेपी अपने अभियान को और आक्रामक रूप दे रही है। नितिन नवीन के आने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प होने वाला है। इस दौरे के बाद राज्य में सियासी संतुलन बदलना तय माना जा रहा है और आने वाले चुनाव में नई तस्वीर देखने को मिल सकती है।