IMD Rain Alert: कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बहुत भारी बारिश की संभावना, हिमाचल और पंजाब पर 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' का असर

Edited By Updated: 20 Oct, 2026 09:23 AM

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भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि...

नई दिल्ली: भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे में भी भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने आने वाले दिनों में कई दक्षिणी राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। इस बीच, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र (low-pressure area) इस सप्ताह के आखिर में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 19 से 25 अक्टूबर के बीच इस पूरे क्षेत्र में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, और 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। IMD के अनुसार, तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) बना हुआ है। इसके साथ जुड़ा एक 'ट्रफ' (trough) उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर जा रहा है, जो मौजूदा मौसमी स्थितियों को प्रभावित कर रहा है।

केरल में बारिश का दौर जारी रहेगा
 केरल और माहे में 19 से 25 अक्टूबर के बीच काफी बारिश होने की संभावना है, और इस पूरी अवधि के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 21 से 23 अक्टूबर के बीच और भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी गति 40-50 किमी प्रति घंटे और झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। 22 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 19 से 23 अक्टूबर के दौरान आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश का मौसम का हाल
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। 19 अक्टूबर को आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। 20 और 21 अक्टूबर को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है, जो झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस दौरान जमीन के पास तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रायलसीमा में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है।

कर्नाटक में मौसम का हाल
तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर के बीच और फिर 25 अक्टूबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को काफी व्यापक से लेकर व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जबकि 19 से 23 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19 अक्टूबर को और 22 से 24 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। 19 अक्टूबर को आंधी-तूफान आने की संभावना है, और इसके बाद 22 से 23 अक्टूबर के दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19-20 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 21 से 24 अक्टूबर के बीच काफी व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जिसमें कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इस सप्ताह आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।

पंजाब में 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस'  
 IMD के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' बना हुआ है, जो एक 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' (चक्रवाती परिसंचरण) के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही, वायुमंडल के मध्य स्तरों में एक 'ट्रफ'  भी बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में एक और 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' मौजूद है, जबकि दक्षिण राजस्थान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में एक अलग 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' बना हुआ है। 

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