Edited By Ramanjot,Updated: 17 Oct, 2026 12:07 PM

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 17 और 18 अक्टूबर को भी इसी तरह के हालात रहने की उम्मीद है। इन दिनों केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी आंधी-तूफान आ सकता है, जिसमें 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं,
नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही, अगले 6-7 दिनों तक कई दक्षिणी राज्यों में व्यापक बारिश और आंधी-तूफान जारी रहने के आसार है।
आईएमडी ने शनिवार सुबह जारी अपने मौसम बुलेटिन में 17 से 20 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तथा 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 17 से 23 अक्टूबर तक केरल और माहे में, 17 से 19 अक्टूबर तक तटीय कर्नाटक में, 18 से 23 अक्टूबर तक दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में और 20 से 23 अक्टूबर तक लक्षद्वीप में भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।
आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना
आईएमडी के अनुसार, 17 से 22 अक्टूबर के बीच तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में काफी व्यापक से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 से 22 अक्टूबर के दौरान आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 17 और 18 अक्टूबर को भी इसी तरह के हालात रहने की उम्मीद है। इन दिनों केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी आंधी-तूफान आ सकता है, जिसमें 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के पीछे ऊपरी वायुमंडल में बने कई तंत्र हैं। इनमें उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना एक चक्रवाती परिसंचरण शामिल है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा उत्तरी लक्षद्वीप के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और उत्तरी केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर एक कम दबाव का क्षेत्र (ट्रफ) भी फैला हुआ है।