Edited By Radhika,Updated: 27 Jan, 2026 05:43 PM

हावड़ा और कामाख्या (असम) के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब इस ट्रेन में यात्रियों को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों भोजन परोसे जाएंगे। जल्दी ही मेन्यू में मांसाहारी भोजन भी शामिल...
Vande Bharat Sleeper Train Food: हावड़ा और कामाख्या (असम) के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब इस ट्रेन में यात्रियों को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों भोजन परोसे जाएंगे। जल्दी ही मेन्यू में मांसाहारी भोजन भी शामिल कर दिया जाएगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इस फैसले की पुष्टि की है।
पहले शाकाहारी भोजन ही था उपलब्ध
17 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन की गई इस हाई-टेक ट्रेन में शुरुआत में केवल शाकाहारी भोजन ही परोसा जा रहा था। चूंकि पश्चिम बंगाल और असम दोनों ही राज्यों में मछली और मांस खान-पान का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए केवल शाकाहारी मेन्यू को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे बंगाली संस्कृति और खान-पान की आदतों पर हमला बताते हुए बीजेपी को घेरा था। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस मुद्दे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने यात्रियों की पसंद और स्थानीय संस्कृति का हवाला देते हुए नॉन-वेज शुरू करने का अनुरोध किया। पूर्व रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों के भीतर इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और यात्रियों को चिकन, मछली या अंडे के विकल्प मिलने लगेंगे।
आस्था और खान-पान का मेल
दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेन कामाख्या (गुवाहाटी) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल को जोड़ती है। बंगाल और असम की परंपराओं में मांसाहार पर कोई सख्त धार्मिक पाबंदी नहीं है। कामाख्या और कई काली मंदिरों में प्रसाद के रूप में भी मांसाहारी पदार्थों का महत्व है। इसी सांस्कृतिक संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे ने अपने नियमों में बदलाव किया है।