Edited By Mansa Devi,Updated: 18 Mar, 2026 04:17 PM

सरकार ने लोकसभा में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। इस नए सिस्टम के जरिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।
नेशनल डेस्क: सरकार ने लोकसभा में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। इस नए सिस्टम के जरिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद लोगों को कम समय में अधिक सुविधाएं देना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
पेंशन भुगतान प्रणाली में बड़ा सुधार
सरकार के अनुसार, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी दफ्तर इसी सिस्टम पर काम कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को समय पर और बिना किसी गलती के पेंशन मिल रही है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।
ऑटो मोड में तेजी से निपट रहे क्लेम
EPFO 3.0 के तहत क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव आया है। 25 फरवरी 2026 तक 5 लाख रुपये तक के 3.52 करोड़ से अधिक क्लेम ऑटो मोड में निपटाए जा चुके हैं। चालू वित्त वर्ष में कुल एडवांस क्लेम में से 71.37% क्लेम बिना किसी मैनुअल प्रक्रिया के पूरे किए गए हैं। इन क्लेम्स के तहत करीब 51,620 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
नौकरी बदलने पर आसान हुआ ट्रांसफर
अब नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए EPF अकाउंट ट्रांसफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। 25 फरवरी 2026 तक 70.54 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम अपने आप शुरू हो चुके हैं, जिनमें कर्मचारी या नियोक्ता की कोई भूमिका नहीं रही। KYC पूरा होने के बाद अब पुराने या नए नियोक्ता की मंजूरी भी जरूरी नहीं है। इसके अलावा 21.39 लाख से अधिक कर्मचारियों ने खुद ही बिना नियोक्ता की मदद के ट्रांसफर क्लेम जमा किए हैं।
अब 3 दिन में हो रहा क्लेम सेटलमेंट
EPFO 3.0 का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब क्लेम निपटाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है।
कागजी काम कम, सुविधा ज्यादा
यह नया सिस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाने और कागजी काम को कम करने पर आधारित है। अब ज्यादातर सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।