Edited By Sahil Kumar,Updated: 27 Oct, 2026 04:20 PM

चक्रवात 'अर्नब' के बुधवार को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका के बीच झारखंड के कुछ हिस्सों में तीन दिन तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह...
रांचीः चक्रवात 'अर्नब' के बुधवार को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका के बीच झारखंड के कुछ हिस्सों में तीन दिन तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर को सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटे के लिए रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इसके बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। विभाग ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए 30 अक्टूबर को सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे के वास्ते भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
बुलेटिन में कहा गया है कि चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भी 29 अक्टूबर को सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार से तीन दिन तक आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में स्थित अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' पश्चिम की ओर बढ़ा और मंगलवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे इसी क्षेत्र में केंद्रित था। इसके 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है।
एक अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासनों को प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने और तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रांची जिला प्रशासन ने भी अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने को कहा है। प्रशासन ने एक बयान में कहा कि भारी बारिश के कारण रांची के निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो सकता है। कच्चे मकानों, झोपड़ियों और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। नदियों, झीलों और बड़े नालों में पानी बढ़ने से वे उफान पर आ सकते हैं तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
बयान के अनुसार, खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इन संभावनाओं को देखते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।