Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Jan, 2026 10:45 AM

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। मेट्रो शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक, लोग कैश की बजाय मोबाइल से भुगतान को तरजीह दे रहे हैं।
नेशनल डेस्क: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। मेट्रो शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक, लोग कैश की बजाय मोबाइल से भुगतान को तरजीह दे रहे हैं। बीते साल 2025 में UPI ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारत के डिजिटल कॉमर्स की रीढ़ बन चुका है।
2025 में टूटे पुराने रिकॉर्ड
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में UPI के जरिए करीब 228 बिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 300 ट्रिलियन रुपये रही। यह 2024 की तुलना में ट्रांजैक्शन संख्या के मामले में 33 फीसदी और वैल्यू के मामले में 21 फीसदी ज्यादा है। दिसंबर 2025 UPI के लिए सबसे मजबूत महीनों में से एक रहा, जब अकेले इस महीने में 21.6 बिलियन ट्रांजैक्शन हुए और करीब 30 ट्रिलियन रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया। इसी दौरान रोजाना औसतन 698 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए।
NPCI की पहलों से मिली मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि NPCI की नई पहलों ने UPI की ग्रोथ को और रफ्तार दी है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, PayNearby के संस्थापक आनंद कुमार बजाज ने कहा कि UPI Autopay के लिए अलग मैंडेट-मैनेजमेंट पोर्टल शुरू करना सही समय पर उठाया गया कदम है। इससे सब्सक्रिप्शन, यूटिलिटी और डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और बार-बार होने वाले पेमेंट पहले से आसान हो गए हैं।
छोटे शहरों में भी बना डिफॉल्ट पेमेंट तरीका
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ते मंथली ट्रांजैक्शन यह दिखाते हैं कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। अब UPI सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी यह भुगतान का डिफॉल्ट तरीका बन चुका है।
2026 में कैसा रहेगा UPI का भविष्य?
साल 2026 में भी UPI ट्रांजैक्शन में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। टियर-3 शहरों और गांवों में स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने से डिजिटल भुगतान और मजबूत होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बायोमेट्रिक पहचान, स्थानीय भाषाओं में इंटरफेस और भरोसे पर आधारित ऑनबोर्डिंग जैसे इनोवेशन UPI को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाएंगे। 2026 वह साल हो सकता है जब पेमेंट सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि ज्यादा समझदार और इंटेलिजेंट बन जाएंगे, जहां सिस्टम यूजर के इरादे को समझकर भुगतान को आसान बनाएगा।