Edited By Tanuja,Updated: 29 Apr, 2026 01:26 PM

भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमलों को “निंदनीय” बताया। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा कि इससे ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और सुरक्षित नौवहन बहाल करने की...
International Desk: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला करना बिल्कुल गलत और निंदनीय है। भारत के अनुसार, इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत की प्रतिनिधि योजना पटेल ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से देश की बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान आता-जाता है। अगर यहां असुरक्षा बढ़ती है, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जरूरतों पर पड़ता है।
भारत ने यह भी कहा कि इस संघर्ष के दौरान कई निर्दोष नाविकों की जान खतरे में पड़ी है, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। इसलिए व्यापारिक जहाजों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। भारत के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सप्लाई, खाद्य सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की है कि वे संयम बरतें, तनाव न बढ़ाएं और बातचीत के जरिए समाधान निकालें। भारत का मानना है कि शांति और स्थिरता ही इस समस्या का सही रास्ता है। भारत ने गाजा में मानवीय संकट पर चिंता जताई, लेबनान में शांति सैनिकों पर हमलों की निंदा की और सीरिया में राजनीतिक समाधान का समर्थन किया।