Edited By Tanuja,Updated: 10 Mar, 2026 09:17 PM

भारत में यूएई के राजदूत ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट में भारत की आवाज़ बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान नई दिल्ली को नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने ईरान के लगातार हमलों की आलोचना करते हुए तुरंत और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की और क्षेत्र में तनाव घटाने...
International Desk: भारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत Abdulnasser Jamal Alshaali ने कहा है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत की आवाज़ बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान नई दिल्ली को नजरअंदाज करने का जोखिम नहीं उठा सकता। नई दिल्ली में एएनआई को दिए इंटरव्यू में अलशाली ने ईरान के लगातार हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि केवल कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कदम जरूरी हैं। राजदूत ने कहा कि यूएई किसी देश के बयानों से ज्यादा उसकी कार्रवाई को महत्व देता है। उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि कूटनीतिक भाषा के बावजूद हमले जारी हैं। इससे साफ होता है कि केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस और तुरंत कदमों से ही तनाव कम हो सकता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि असली डी-एस्केलेशन का मतलब है कि हमले तुरंत और बिना शर्त बंद हों।
मोदी की अपील को बताया अहम
यूएई के राजदूत ने कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी( Narendra Modi) तनाव कम करने की अपील करते हैं और यूएई के साथ एकजुटता जताते हैं, तो उसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। उनके अनुसार भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंधों के कारण भारत की बात क्षेत्रीय कूटनीति में वजन रखती है। यूएई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी हस्तक्षेप की मांग की है। राजदूत ने कहा कि United Nations Security Council को इन हमलों की निंदा करनी चाहिए और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यूएई को अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने का पूरा अधिकार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वेस्ट एशिया में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को संयुक्त सैन्य हमलों में Ali Khamenei की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया था।