Edited By Parveen Kumar,Updated: 23 Mar, 2026 04:57 PM

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के 24 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में देश और दुनिया को बड़ा संदेश दिया। करीब 24 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक संकट, भारत की तैयारी और सरकार के कदमों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने...
नेशनल डेस्क : ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के 24 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में देश और दुनिया को बड़ा संदेश दिया। करीब 24 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक संकट, भारत की तैयारी और सरकार के कदमों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार इस पूरे संकट पर नजर बनाए हुए है और देश को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
“युद्ध नहीं, कूटनीति ही रास्ता”- पीएम मोदी का साफ संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में सबसे ज्यादा जोर शांति पर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी भी समस्या का समाधान युद्ध नहीं हो सकता। इसके लिए कूटनीति और बातचीत ही सबसे बेहतर रास्ता है।
उन्होंने अमेरिका से लेकर ईरान तक सभी देशों को यह संदेश दिया कि तनाव खत्म करने के लिए शांति समझौता जरूरी है।
अमेरिका को दो टूक: तेल खरीद और शांति पर संकेत
पीएम मोदी ने अमेरिका को दो अहम संदेश दिए। पहला, भारत अपनी जरूरत के हिसाब से तेल खरीदता रहेगा और इसके लिए अलग-अलग देशों से बातचीत जारी है। दूसरा, भारत चाहता है कि युद्ध खत्म हो और शांति के जरिए समाधान निकाला जाए। उन्होंने इशारों में यह भी बताया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
ईरान को संकेत: होर्मुज में रुकावट बर्दाश्त नहीं
प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट स्वीकार नहीं है। दरअसल, यही रास्ता दुनिया के तेल और व्यापार के लिए बेहद अहम है। भारत ने कूटनीतिक तरीके से अपने जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित की है, लेकिन समुद्र में हमलों को लेकर सरकार चिंतित है।
खाड़ी देशों के साथ खड़ा भारत
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि उन्होंने खाड़ी देशों के नेताओं से लगातार बातचीत की है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत इन देशों के साथ मजबूती से खड़ा है। खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए व्यापार और ऊर्जा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए वहां शांति बनाए रखना जरूरी है।
आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार अलर्ट
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह सतर्क है। तेल की कीमतों और वैश्विक संकट के असर को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार कोशिश कर रही है कि आम जनता पर इसका बोझ कम से कम पड़े।
अंत में भारत का संदेश: शांति ही सबसे बड़ा समाधान
अपने भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने दुनिया के सभी देशों से अपील की कि युद्ध छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाएं, क्योंकि यही मानवता और विकास के लिए सही दिशा है।