Edited By Parveen Kumar,Updated: 21 Mar, 2026 09:59 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात, क्षेत्रीय तनाव और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को...
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात, क्षेत्रीय तनाव और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को ईद और नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं भी दीं।
क्षेत्रीय हालात पर गंभीर चर्चा
ईरान के राष्ट्रपति ने बातचीत में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए जरूरी है कि मौजूदा सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोका जाए और भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनने की गारंटी दी जाए।
हमलों को लेकर जताई आपत्ति
ईरानी पक्ष ने हाल के सैन्य हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इन घटनाओं ने न केवल सैन्य ढांचे, बल्कि आम नागरिकों और सार्वजनिक संस्थानों को भी प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने किसी संघर्ष की शुरुआत नहीं की, बल्कि वह परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय आरोपों का किया खंडन
राष्ट्रपति ने अपने देश पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने अन्य पक्षों की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।
BRICS देशों से सहयोग की अपील
ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान BRICS देशों से भी सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों को आगे आकर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
भारत का संतुलित रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की और समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है, क्योंकि युद्ध किसी के हित में नहीं होता।