Iran US War : 'जंग जीते बिना नहीं होगा सीजफायर', ईरान का अमेरिका को सख्त संदेश

Edited By Updated: 15 Mar, 2026 12:52 AM

no ceasefire without winning the war  iran s stern message to the us

अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान में एक्सपेडिएंसी काउंसिल...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान में एक्सपेडिएंसी काउंसिल के सदस्य मोहसिन रेजाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही सीजफायर की मांगों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

रेजाई ने स्पष्ट कहा कि इस समय तेहरान युद्धविराम करने के मूड में नहीं है। उनका कहना है कि जब तक युद्ध में कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकलता और जीत हासिल नहीं होती, तब तक ईरान सीजफायर पर सहमत नहीं होगा।

“जीत के बिना युद्ध खत्म नहीं होगा”

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान मौजूदा सैन्य टकराव को बीच में खत्म करने का इरादा नहीं रखता। उनके मुताबिक, युद्ध का अंत तभी होगा जब उसका स्पष्ट और निर्णायक परिणाम सामने आएगा। रेजाई के इस बयान को ईरान के रुख में पहले से ज्यादा सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान अब पीछे हटने के बजाय लंबे संघर्ष की तैयारी कर रहा है।

लंबे और थकाऊ युद्ध की रणनीति

विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान अब “वॉर ऑफ एट्रिशन” यानी लंबे समय तक चलने वाले थकाऊ युद्ध की रणनीति अपना सकता है। इस रणनीति में दुश्मन को जल्दी हराने के बजाय धीरे-धीरे उसकी ताकत और संसाधनों को कमजोर किया जाता है। ईरान का लक्ष्य पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य और आर्थिक मौजूदगी की सहनशीलता को परखना बताया जा रहा है। अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो इससे अमेरिका पर भारी आर्थिक और सैन्य दबाव पड़ सकता है।

अमेरिका पर तीन मोर्चों से दबाव बनाने की योजना

रेजाई के बयान के अनुसार, ईरानी नेतृत्व का मानना है कि लंबे युद्ध से अंत में अमेरिका के लिए स्थिति अस्थिर और महंगी हो सकती है। इसी वजह से तेहरान तीन बड़े मोर्चों पर अमेरिका पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बना रहा है:

  1. आर्थिक दबाव – युद्ध लंबा खिंचने से अमेरिका के खर्च और आर्थिक बोझ को बढ़ाना।

  2. सैन्य संसाधनों पर दबाव – अमेरिकी सैन्य ताकत और हथियारों के उपयोग को लगातार चुनौती देना।

  3. मानवीय क्षति – युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों और सहयोगियों को नुकसान पहुंचाकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना।

सोशल मीडिया के जरिए भी संदेश फैलाने की कोशिश

सीएनएन की रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान इस संदेश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से फैला रहा है। इसका उद्देश्य यह धारणा बनाना है कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना माने जाने वाले अमेरिका को भी अंत में फारस की खाड़ी से पीछे हटना पड़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत और अडिग छवि पेश करके तेहरान क्षेत्र के देशों और अमेरिकी जनता दोनों को यह संदेश देना चाहता है कि खाड़ी क्षेत्र में बने रहने की कीमत अमेरिका के लिए रणनीतिक फायदे से कहीं ज्यादा भारी पड़ सकती है।

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