कुवैत में अपनी जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के शव विशेष विमान से केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 09:10 PM

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कुवैत में अपनी जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के शव बुधवार (1 अप्रैल) को विशेष विमान से केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण इन शवों को भारत लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और...

नेशनल डेस्क: कुवैत में अपनी जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के शव बुधवार (1 अप्रैल) को विशेष विमान से केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण इन शवों को भारत लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और इसमें देरी हुई। कुवैत एयरवेज की यह खास फ्लाइट श्रीलंका के कोलंबो से होते हुए भारत आई, जिसमें केवल पार्थिव शरीर ही लाए गए थे।

ड्रोन हमले का शिकार हुए संथानसेल्वम

इन 20 मृतकों में तमिलनाडु के रहने वाले 37 वर्षीय संथानसेल्वम कृष्णन भी शामिल थे। संथानसेल्वम की मौत कुवैत के एक वाटर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले में हुई थी। बाकी 19 लोगों की मृत्यु अलग-अलग दुर्घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से हुई थी। युद्ध के कारण उड़ानों में आ रही बाधाओं की वजह से इन सभी के शवों को वतन वापस लाने में वक्त लगा।

 

#WATCH | Ernakulam, Kerala: Mortal remains of 20 Indian nationals who passed away in Kuwait arrive at Cochin International Airport late night via a special Kuwait Airways flight. pic.twitter.com/uD04Sq3Qkt

— ANI (@ANI) March 31, 2026

 

दूतावास और सरकार की सक्रियता कुवैत में भारतीय दूतावास ने इस हमले और भारतीय नागरिक की मौत पर गहरा दुख जताया है। दूतावास के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर परिवार की हर संभव मदद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है और इस क्षेत्रीय जंग में अब तक कुल 8 भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि एक नागरिक अभी भी लापता है। 55 लाख से ज्यादा लोग लौटे घर पश्चिमी एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं और वहां छिड़ी जंग ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

भारत सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और प्रधानमंत्री मोदी खुद खाड़ी देशों के नेताओं के संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी के बाद से अब तक करीब 55 लाख भारतीय सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं। सरकार का पूरा जोर अब बाकी बचे नागरिकों को सुरक्षित रखने और लापता व्यक्ति की तलाश पर है।

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