Edited By Mansa Devi,Updated: 31 Mar, 2026 03:47 PM

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से आम लोगों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसी क्रम में Indian Railways ने भी टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
नेशनल डेस्क: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से आम लोगों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसी क्रम में Indian Railways ने भी टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इन नए नियमों का सीधा असर देशभर के करोड़ों रेल यात्रियों पर पड़ेगा।
8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी
रेलवे के नए नियमों के अनुसार, अब यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना अनिवार्य होगा। अगर कोई यात्री इस समय सीमा के भीतर टिकट कैंसिल नहीं करता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है।
देरी हुई तो होगा पूरा नुकसान
इस बदलाव का मतलब है कि थोड़ी सी लापरवाही या देरी यात्रियों को भारी पड़ सकती है। अगर किसी ने महंगी टिकट बुक की है और समय पर कैंसिल नहीं किया, तो उसे पूरा पैसा गंवाना पड़ सकता है। हाल ही में रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भी साफ कहा है कि तय समय सीमा के बाद कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
अलग-अलग समय पर अलग रिफंड नियम
नए नियमों के तहत रिफंड के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है। अगर यात्री ट्रेन के समय से 8 से 24 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे 50 प्रतिशत राशि वापस मिलेगी और बाकी 50 प्रतिशत काट ली जाएगी। वहीं, 24 से 72 घंटे पहले कैंसिलेशन पर 75 प्रतिशत रिफंड मिलेगा और 25 प्रतिशत राशि कटेगी। अगर कोई यात्री 72 घंटे से अधिक समय पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे पूरा 100 प्रतिशत रिफंड मिल जाएगा, हालांकि तय कैंसिलेशन चार्ज पहले की तरह लागू रहेगा।
बदलाव का उद्देश्य क्या है?
रेलवे का कहना है कि यह बदलाव व्यवस्था को बेहतर बनाने और आखिरी समय में होने वाली अनावश्यक टिकट कैंसिलेशन को रोकने के लिए किया गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से तय करें और समय रहते टिकट कैंसिल करें। थोड़ी सी सावधानी से बड़ा आर्थिक नुकसान टाला जा सकता है।