Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Jun, 2026 10:46 AM
त्वचा पर खुजली होना एक आम समस्या है। आमतौर पर यह मौसम के बदलने, धूल-मिट्टी, किसी कीड़े के काटने या सामान्य एलर्जी की वजह से होती है लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि लगातार और लंबे समय तक रहने वाली खुजली कुछ दुर्लभ मामलों...
Skin Cancer Alert : त्वचा पर खुजली होना एक आम समस्या है। आमतौर पर यह मौसम के बदलने, धूल-मिट्टी, किसी कीड़े के काटने या सामान्य एलर्जी की वजह से होती है लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि लगातार और लंबे समय तक रहने वाली खुजली कुछ दुर्लभ मामलों में कैंसर का शुरुआती लक्षण भी हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर शरीर की खुजली हफ्तों या महीनों तक ठीक न हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि किस तरह के कैंसर में त्वचा पर खुजली हो सकती है और इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं?
1. Blood Cancer और खुजली का कनेक्शन
कुछ विशेष प्रकार के ब्लड कैंसर में शरीर के भीतर होने वाले रासायनिक बदलावों की वजह से त्वचा पर तेज खुजली महसूस हो सकती है। लिम्फोमा जैसा कैंसर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी टी-लिम्फोसाइट्स कोशिकाओं से शुरू होता है जिसके शुरुआती लक्षणों में त्वचा में खुजली शामिल है। दूसरा आता है ल्यूकीमिया, यह मुख्य रूप से बोन मैरो (अस्थि मज्जा) से शुरू होने वाला ब्लड कैंसर है। इसके तहत 'अक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया' के साथ-साथ 'क्रोनिक लिम्फोसाइटिक' और 'क्रोनिक मायलॉइड ल्यूकीमिया' (जो अक्सर 55 वर्ष की उम्र के बाद होता है) में भी मरीज को लगातार खुजली की शिकायत हो सकती है।

तीसरा पॉलीसिथेमिया वेरा, यह बोन मैरो से जुड़ा एक अत्यंत दुर्लभ कैंसर है। इसमें रेड ब्लड सेल्स (RBC) के असंतुलन के कारण नहाने के बाद या सामान्य तौर पर शरीर में तेज खुजली होने लगती है। ब्लड कैंसर के अलावा पेट और पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर जैसे लिवर कैंसर, पैनक्रियाटिक (अग्न्याशय) कैंसर, बाइल डक्ट कैंसर, मेटास्टेटिक पेट का कैंसर, नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्किन कैंसर (मेलानोमा व बेजल सेल कार्सिनोमा) में भी त्वचा प्रभावित हो सकती है।
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शरीर के किस हिस्से में और कैसी होती है यह खुजली?
कैंसर से जुड़ी खुजली के लक्षण सामान्य एलर्जी से थोड़े अलग हो सकते हैं। यह खुजली सिर (स्कैल्प) से लेकर पैरों के तलवों तक यहां तक कि जननांगों (Private Parts) में भी हो सकती है। हालांकि सबसे ज्यादा असर पैरों के निचले हिस्से, छाती, पेट, पीठ और पेल्विस (कमर का निचला हिस्सा) पर देखा जाता है।
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यह खुजली शरीर के किसी एक हिस्से पर या फिर पूरे बदन पर एक साथ हो सकती है। यह चौबीसों घंटे (लगातार) परेशान कर सकती है या फिर रुक-रुक कर बहुत तेज तीव्रता के साथ आ सकती है।

हर खुजली का मतलब कैंसर नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साफ कहना है कि शरीर पर खुजली होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको कैंसर ही है। ज्यादातर मामलों में खुजली के पीछे बेहद सामान्य और गैर-कैंसरकारी कारण होते हैं।

ऐसी बीमारियां जिससे लगातार होती है खुजली
डायबिटीज (मधुमेह) और थायराइड विकार, क्रोनिक किडनी फेलियर (गुर्दे की बीमारी), लिवर की बीमारियां और एचआईवी (HIV) इंफेक्शन, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस, मानसिक तनाव, एंग्जायटी (घबराहट) और डिप्रेशन, गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव।
Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ आपकी सहूलियत और नॉलेज बढ़ाने के लिए लिखी गई है। इसे किसी डॉक्टर की पक्की सलाह या इलाज न मानें। अगर आपको कोई भी बीमारी या परेशानी है तो सबसे पहले किसी डॉक्टर या एक्सपर्ट से मिलें। 'पंजाब केसरी' किसी तरह का दावा नहीं करता।