Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 Jan, 2026 12:29 PM

अचानक ठंडी हवा का झोंका आने पर किसी भावुक फिल्म के सीन के दौरान या डर लगने पर आपने महसूस किया होगा कि आपकी त्वचा पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं और बाल खड़े हो जाते हैं। जिसे हम आम भाषा में रोंगटे खड़े होना या Goosebumps कहते हैं वह असल में हमारे शरीर...
Goosebumps Reason : अचानक ठंडी हवा का झोंका आने पर किसी भावुक फिल्म के सीन के दौरान या डर लगने पर आपने महसूस किया होगा कि आपकी त्वचा पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं और बाल खड़े हो जाते हैं। जिसे हम आम भाषा में रोंगटे खड़े होना या Goosebumps कहते हैं वह असल में हमारे शरीर की एक बेहद जटिल और बुद्धिमानी भरी प्रतिक्रिया है। वैज्ञानिक इसे केवल एक शारीरिक अहसास नहीं बल्कि हमारे पूर्वजों से विरासत में मिली एक सुरक्षा प्रणाली मानते हैं।
विज्ञान की नजर में: क्या है क्यूटिस एंसरिना?
वैज्ञानिक भाषा में रोंगटे खड़े होने को क्यूटिस एंसरिना (Cutis Anserina) कहा जाता है। हमारी त्वचा के नीचे हर बाल की जड़ में एक सूक्ष्म मांसपेशी होती है जिसे एरेक्टर पिली (Arrector Pili) कहते हैं। जब हम किसी खास परिस्थिति (ठंड, डर या भावना) में होते हैं तो हमारा नर्वस सिस्टम इन मांसपेशियों को सिकुड़ने का संकेत देता है। जैसे ही ये मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, त्वचा का वह हिस्सा ऊपर उठ जाता है और बाल सीधा खड़ा हो जाता है। यह क्रिया हमारे नियंत्रण में नहीं होती।

पूर्वजों के लिए था सुरक्षा कवच
इंसानों के शरीर पर आज बाल बहुत कम हैं लेकिन लाखों साल पहले हमारे पूर्वजों के शरीर घने बालों से ढके थे। तब रोंगटे खड़े होना दो मुख्य उद्देश्यों को पूरा करता था। बाल खड़े होने से उनके बीच हवा की एक परत (Air insulation) फंस जाती थी जो कंबल की तरह शरीर की गर्मी को बाहर जाने से रोकती थी। खतरे के समय बाल खड़े होने से इंसान आकार में बड़ा और डरावना दिखता था। ठीक वैसे ही जैसे आज भी बिल्ली या कुत्ता खतरा महसूस होने पर अपने बाल फुला लेते हैं।
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भावनाओं और गानों से क्यों आते हैं रोंगटे?
अक्सर कोई देशभक्ति का गाना या दिल को छू लेने वाला भाषण सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इसका कारण हमारा सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम है। जब दिमाग अत्यधिक उत्साह, डर या खुशी (Fight-or-Flight) महसूस करता है, तो शरीर में एड्रेनालाईन (Adrenaline) हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। यही हार्मोन बालों की मांसपेशियों को एक्टिव कर देता है जिससे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

सेहत के लिए भी है फायदेमंद
रिसर्च से पता चला है कि रोंगटे खड़े होना केवल एक सिग्नल नहीं है बल्कि इसके अन्य लाभ भी हैं:
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त्वचा की नमी: इन मांसपेशियों के सिकुड़ने से ऑयल ग्रंथियां एक्टिव होती हैं जो त्वचा को सूखने से बचाने के लिए कुदरती तेल छोड़ती हैं।
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बालों की ग्रोथ: हालिया शोध बताते हैं कि एरेक्टर पिली मांसपेशियां बालों की स्टेम सेल्स (Stem cells) से जुड़ी होती हैं जो बालों के विकास में मदद कर सकती हैं।