Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Feb, 2026 01:39 PM

आज के दौर में करियर और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से देर से शादी और देर से फैमिली प्लानिंग करना एक सामान्य बात हो गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि उम्र का असर सिर्फ आपकी ऊर्जा पर ही नहीं बल्कि आपकी फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) पर भी पड़ता है? इन विट्रो...
IVF Success Rate by Age : आज के दौर में करियर और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से देर से शादी और देर से फैमिली प्लानिंग करना एक सामान्य बात हो गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि उम्र का असर सिर्फ आपकी ऊर्जा पर ही नहीं बल्कि आपकी फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) पर भी पड़ता है? इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी IVF को अक्सर एक चमत्कारी उपाय माना जाता है लेकिन इसकी सफलता का पूरा गणित महिला की उम्र पर टिका है।
30 की उम्र: फर्टिलिटी का गोल्डन पीरियड
ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की डॉ. सोनाली गुप्ता के अनुसार IVF के लिए 20 से 30 वर्ष की उम्र सबसे आदर्श मानी जाती है। इस उम्र में महिलाओं के शरीर में अंडों (Eggs) की संख्या भरपूर होती है और उनकी गुणवत्ता भी बेहतरीन रहती है। 30 से 35 वर्ष के बीच भी सफलता की दर काफी अच्छी होती है क्योंकि भ्रूण (Embryo) बनने की प्रक्रिया में जटिलताएं कम आती हैं।

35 के बाद शुरू होता है जोखिम का सफर
35 साल की उम्र पार करते ही महिलाओं की फर्टिलिटी प्राकृतिक रूप से घटने लगती है। अंडों की संख्या तेजी से कम होने लगती है। अंडों की गुणवत्ता कमजोर होने से भ्रूण में क्रोमोसोमल असामान्यताएं (Chromosomal Abnormalities) बढ़ने का खतरा रहता है। 40 साल की उम्र के बाद IVF के सफल होने की दर काफी कम हो जाती है और कंसीव होने पर भी गर्भपात (Miscarriage) का जोखिम बना रहता है।
यह भी पढ़ें: भगवे चोले में हवस का भूखा बाबा! मासूम बच्चियों को पास बुलाकर करता अश्लील हरकतें, फिर उनके प्राइवेट पार्ट के साथ...
सिर्फ महिला नहीं, पुरुष फैक्टर भी है अहम
डॉक्टर का कहना है कि लोग अक्सर सिर्फ महिला की उम्र पर ध्यान देते हैं लेकिन पुरुष पार्टनर की सेहत भी उतनी ही जरूरी है। बढ़ती उम्र, तनाव, मोटापा और स्मोकिंग का असर स्पर्म की क्वालिटी पर पड़ता है। अगर दोनों पार्टनर स्वस्थ जीवनशैली नहीं अपनाते तो IVF की सफलता दर प्रभावित हो सकती है।

जब अपनी एग्स से न मिले सफलता, तब क्या करें?
अगर बार-बार प्रयास के बावजूद IVF सफल नहीं हो रहा है या उम्र 40 के पार है तो डोनर एग IVF एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा गर्भाशय (Uterus) से जुड़ी समस्याएं या अनियंत्रित बीमारियां जैसे डायबिटीज और बीपी भी इस प्रक्रिया में बाधा बन सकती हैं।

एक्सपर्ट टिप: समय रहते लें फैसला
IVF कोई जादू नहीं है। यदि आप नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो सालों इंतजार करने के बजाय सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें। 35 वर्ष से पहले लिया गया फैसला आपकी मां बनने की संभावना को कई गुना बढ़ा सकता है।