Edited By Radhika,Updated: 12 Feb, 2026 11:29 AM

UNSC की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आई इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी मचा दी है। इस रिपोर्ट में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बीच गहरे संबंधों का खुलासा किया गया है।
Red Fort Attack: UNSC की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आई इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी मचा दी है। इस रिपोर्ट में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बीच गहरे संबंधों का खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में हुआ खुलासा
संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम (Analytical Support and Sanctions Monitoring Team) ने अपनी 37वीं रिपोर्ट में बताया है कि एक सदस्य देश ने पुष्टि की है कि जैश-ए-मोहम्मद ने नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना 9 नवंबर (पिछले वर्ष) की है, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जैश अब केवल पारंपरिक हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नए और प्रभावशाली तरीकों से भारत को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।

मसूद अजहर की नई महिला विंग
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आतंकी संगठन की नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर हुआ है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से एक विशेष महिला आतंकी विंग के गठन की घोषणा की है। इस विंग का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान करना और भर्ती मॉडल में बदलाव लाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को शामिल कर जैश सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने और अपनी कट्टरपंथी विचारधारा को परिवारों के भीतर तक पहुँचाने की कोशिश कर रहा है
UN की चेतावनी और देशों के बीच मतभेद
UN ने चेतावनी दी है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण कुछ आतंकी गुट कमजोर दिख रहे हों, लेकिन उनकी Adaptability अभी भी वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि जहाँ एक सदस्य देश जैश को बेहद सक्रिय और खतरनाक मान रहा है, वहीं दूसरा देश (संभवतः पाकिस्तान) इसे 'निष्क्रिय' बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इसी विरोधाभास के कारण आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई धीमी पड़ रही है।