सजा से पहले NIA कोर्ट में बेखौफ बोला यासीन मलिक- 'मैं भीख नहीं मांगूंगा, जो सजा देनी है दीजिए'

Edited By Anu Malhotra, Updated: 25 May, 2022 05:27 PM

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कश्‍मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक की फांसी और उम्रकैद की सजा पर आज NIA कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इससे पहले अदालत में बहस पूरी हो गई है और इस दौरान यासीन मलिक ने कोर्ट से कहा कि मैं आपसे कोई भीख नहीं मांगूंगा आपको जो सही लगता है आप सज़ा दीजिए।

नेशनल डेस्क: कश्‍मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक की फांसी और उम्रकैद की सजा पर आज NIA कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इससे पहले अदालत में बहस पूरी हो गई है और इस दौरान यासीन मलिक ने कोर्ट से कहा कि मैं आपसे कोई भीख नहीं मांगूंगा आपको जो सही लगता है आप सज़ा दीजिए।
 

कोर्ट में यासीन ने जज से कहा कि बुरहान वानी को मारने के एलान के बाद से ही मैं लगातार जेल में रहा तो मेरे ऊपर ये आरोप कैसे बनते हैं? जिस पर कोर्ट ने कहा की अब ये मौका नहीं है। वहीं, यासीन ने इसका जवाब देते हुए कहा किमैं आपसे कोई भीख नहीं मांगूंगा आपको जो सही लगता है आप सज़ा दीजिए पर ये ज़रूर देख लीजिए कि क्या कोई ऐसा सबूत है कि मैंने आतंकियों का समर्थन किया है? 

यासीन मलिक ने कोर्ट में कहा कि बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद 30 मिनट के अंदर ही मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे पासपोर्ट आवंटित किया और मुझे भारत ने व्याख्यान देने की अनुमति दी, क्योंकि मैं अपराधी नहीं था।

मलिक ने यह भी कहा कि 1994 में हथियार छोड़ने के बाद मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन किया है और तब से मैं कश्मीर में अहिंसक राजनीति कर रहा हूं. कोर्ट रूम में यासीन ने कहा कि 28 सालो में अगर मैं कही आतंकी गतिविधि या हिंसा में शामिल रहा हूं इंडियन इंटेलिजेंस अगर ऐसा बता दे तो मैं राजनीति से भी सन्यास ले लूंगा, फांसी मंजूर कर लूंगा। 7 पीएम के साथ मैंने काम किया है।
 

यासीन मलिक पर लगे आरोप
इससे पहले मलिक ने अदालत में कहा था कि वह खुद के खिलाफ लगाए आरोपों का विरोध नहीं करता। इन आरोपों में यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी कृत्य), 17 (आतंकवादी कृत्यों के लिए धन जुटाना), 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश) और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होना) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षडयंत्र) और 124-ए (राजद्रोह) शामिल हैं। अदालत ने मलिक सजा पर फैसला सुनाने के लिए मामले की सुनवाई 25 मई को निर्धारित की थी।  बता दें कि यासीन मलिक ने इन आरोपों को अदालत के सामने कबूल भी कर लिया था जिसके बाद 19 मई को अदालत ने यासीन मलिक को दोषी करार दिया।
 
अन्य आरोपी
यासीन मलिक के अलावा अदालत ने शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट्ट, मोहम्मद यूसुफ शाह, आफताब अहमद शाह, अल्ताफ अहमद शाह, नईम खान, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल राशिद शेख समेत अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ ये आरोप तय किए थे. जांच एजेंसी द्वारा दायर की गई चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन का भी नाम था फिलहाल वो इस मामले में भगोड़ा घोषित हो चुके हैं। 

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